लेबनान के हिजबुल्लाह लड़ाकों ने इसराइल के सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला किया है. Adamit बस्ती में रॉकेट दागे गए और Metula में ड्रोन के जरिए सैनिकों और वाहनों को निशाना बनाया गया. इस हमले के बाद सीमावर्ती इलाकों में तनाव और बढ़ गया है और दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई जारी है.

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हिजबुल्लाह ने कहाँ और कैसे किया हमला?

हिजबुल्लाह ने आधिकारिक तौर पर बताया कि उनके लड़ाकों ने Adamit बस्ती में मौजूद इसराइली सेना के बुनियादी ढांचे पर रॉकेटों से हमला किया. इसके साथ ही Metula में सैनिकों और वाहनों के जमावड़े पर ड्रोन का झुंड छोड़ा गया. Odaisseh की पहाड़ी पर एक Merkava टैंक को गाइडेड मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिससे उसमें आग लग गई.

इसराइल का क्या जवाब रहा और क्या है ताज़ा स्थिति?

इसराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में रॉकेट लॉन्चरों और हिजबुल्लाह के एक सशस्त्र सेल पर जवाबी हमले किए हैं. प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं होगा. IDF चीफ Eyal Zamir ने भी पुष्टि की है कि इसराइली सेना अभी युद्ध की स्थिति में है और हमले जारी रहेंगे.

क्या युद्ध रुकने की कोई उम्मीद है?

लेबनान की प्रेसिडेंसी ने एलान किया है कि अगले हफ्ते मंगलवार को वाशिंगटन डीसी में इसराइल के साथ बैठक होगी. यह बैठक अमेरिका की देखरेख में होगी ताकि युद्धविराम और बातचीत की शुरुआत की जा सके. हालांकि, हिजबुल्लाह ने लेबनानी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. इस जंग के आंकड़ों पर नज़र डालें तो स्थिति काफी गंभीर है.

तारीख घटना असर/नुकसान
11 अप्रैल 2026 Adamit और Metula पर हमला सैन्य बुनियादी ढांचे और वाहनों को नुकसान
10 अप्रैल 2026 Nabatiyeh में इसराइली हमला 13 लेबनानी सुरक्षाकर्मी मारे गए
7 अप्रैल 2026 US-ईरान युद्धविराम दो हफ्ते के लिए शांति का एलान
2 मार्च 2026 युद्ध की शुरुआत लेबनान और इसराइल के बीच जंग शुरू

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इसराइल के हमलों में 1,953 लोग मारे गए हैं और 6,303 लोग घायल हुए हैं.