Lebanon में इसराइल के हमले, UNICEF ने बताया बच्चों पर ‘अमानवीय’ असर, 3 लाख 90 हजार बच्चे हुए बेघर
लेबनान में इसराइल के हमलों ने भारी तबाही मचाई है। UNICEF ने बताया कि इन हमलों का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ रहा है। कई बच्चों को मलबे से निकाला गया है, जबकि कई अपने परिवार से बिछड़ गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि लाखों बच्चे अब बेघर हो चुके हैं।
लेबनान में बच्चों पर हमलों का क्या असर हुआ है?
UNICEF के मुताबिक, इसराइल के हमलों का बच्चों पर बहुत बुरा असर पड़ा है। 8 अप्रैल को हुए हमलों में 33 बच्चे मारे गए और 153 घायल हुए। मार्च के शुरू से अब तक करीब 600 बच्चे या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं। कई बच्चे अभी भी लापता हैं या मलबे के नीचे दबे हुए हैं। UNICEF के अधिकारियों ने इसे इंसानियत के खिलाफ बताया है।
बेघर हुए लोगों और हताहतों का पूरा विवरण
लेबनान में हालात बहुत गंभीर हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे हैं। इसका पूरा ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल विस्थापित लोग | 10 लाख से ज़्यादा |
| विस्थापित बच्चे | 3 लाख 90 हज़ार |
| कुल मौतें (मार्च 2 से) | 1,318 |
| कुल घायल (मार्च 2 से) | 3,935 |
| मारे गए बच्चे | 125 |
| घायल बच्चे | 429 |
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और अधिकारियों का क्या कहना है?
UN के मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। Doctors Without Borders और Save the Children ने भी बताया कि हमले घनी आबादी वाले इलाकों में हुए हैं। उनका कहना है कि स्कूलों और अस्पतालों जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है और हमले जारी रहेंगे।




