लेबनान और इसराइल के बीच जंग तेज़, हिज़बुल्लाह ने किए हमले, वॉशिंगटन में होगी अहम बैठक
लेबनान और इसराइल के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। हिज़बुल्लाह ने इसराइल की सेना और उत्तरी शहरों पर नए हमले किए हैं, जिसके जवाब में इसराइल ने लेबनान में भारी बमबारी की है। इस बीच अमेरिका दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है ताकि इस युद्ध को रोका जा सके।
हमलों और नुकसान की पूरी जानकारी क्या है?
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हिज़बुल्लाह के हमले | Bint Jbeil, Khiam, Fatima Gate और Yir’on में ड्रोन और मिसाइल हमले |
| इसराइल पर असर | Kiryat Shmona जैसे शहरों में रॉकेट फायरिंग |
| लेबनान में मौतें | 12 अप्रैल को हवाई हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए |
| सुरक्षा बलों का नुकसान | 11 अप्रैल को 13 स्टेट सिक्योरिटी सदस्य मारे गए |
| अस्पताल पर छापा | Bint Jbeil के अस्पताल में छापेमारी, 20 बंदूकधारी ढेर |
| इसराइल की कार्रवाई | Bint Jbeil शहर की घेराबंदी और भारी बमबारी |
शांति वार्ता और अमेरिका की भूमिका क्या रहेगी?
लेबनान सरकार और इसराइल के बीच सीधी बातचीत 16 अप्रैल को वॉशिंगटन में होने वाली है। इस मीटिंग में अमेरिकी डिप्लोमेट्स बीच-बचाव करेंगे। लेबनान का कहना है कि बातचीत तभी शुरू होनी चाहिए जब युद्ध विराम हो। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि ईरान के साथ हुआ युद्ध विराम लेबनान पर लागू नहीं होगा।
ईरान और हिज़बुल्लाह का इस पर क्या कहना है?
हिज़बुल्लाह के नेता नईम कासिम ने अधिकारियों से कहा है कि बातचीत से पहले कोई बड़ी रियायत न दें। उन्होंने इसे कब्जे के खिलाफ लड़ने का कानूनी अधिकार बताया है। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत 12 अप्रैल को बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। ईरान चाहता था कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध रुके, लेकिन इसराइल ने इसे मानने से इनकार कर दिया।




