लेबनान और इसराइल के बीच करीब 30 साल बाद पहली बार सीधी डिप्लोमेटिक बातचीत हुई है। यह मीटिंग वाशिंगटन डी.सी. में हुई जिसे अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने लीड किया। अमेरिका ने इस मुलाकात को एक बड़ा और ऐतिहासिक मौका बताया है। इस बैठक का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच चल रही लड़ाई को रोकना और शांति लाना है।

बैठक में कौन-कौन शामिल था और क्या हुई चर्चा?

इस मीटिंग में इसराइल की तरफ से अमेरिकी राजदूत Yechiel Leiter और लेबनान की तरफ से राजदूत Nada Hamadeh Moawad शामिल हुए। बातचीत लगभग दो घंटे तक चली। इसमें मुख्य रूप से युद्धविराम (ceasefire) और सीमा विवाद को सुलझाने पर चर्चा हुई। इसराइल चाहता है कि लेबनान से Hezbollah का प्रभाव पूरी तरह खत्म हो ताकि उसकी उत्तरी सीमा पर सुरक्षा बनी रहे। वहीं लेबनान ने युद्ध रोकने की मांग की ताकि विस्थापित लोग अपने घरों को वापस जा सकें।

बातचीत की मुख्य बातें और Hezbollah का क्या कहना है?

विवरण जानकारी
तारीख और जगह 14 अप्रैल 2026, वाशिंगटन डी.सी.
बैठक की अध्यक्षता Marco Rubio (अमेरिकी विदेश मंत्री)
इसराइल का मुख्य लक्ष्य Hezbollah की सैन्य शक्ति को खत्म करना
लेबनान की मांग तुरंत युद्धविराम और मानवीय मदद
Hezbollah का रुख बातचीत का विरोध किया और इसे बेकार बताया
अमेरिकी सहायता लेबनान के विस्थापितों के लिए 58 मिलियन डॉलर की मदद

आगे क्या होने वाला है?

अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ किया है कि यह एक लंबी प्रक्रिया है और इसमें समय लगेगा। जल्द ही अगली मुलाकात की तारीख तय की जाएगी। अमेरिका का कहना है कि किसी भी समझौते के लिए दोनों सरकारों को आपस में बात करनी होगी। इस बीच, Hezbollah ने इस बातचीत के विरोध में उत्तरी इसराइल पर हमले तेज कर दिए। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि शांति तभी संभव है जब Hezbollah के हथियारों को खत्म किया जाए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.