लेबनान की संसद ने देश में होने वाले आम चुनाव को 2 साल के लिए टाल दिया है। यह फैसला इजराइल और ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह के बीच चल रहे भीषण युद्ध के कारण लिया गया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार 9 मार्च 2026 को संसद ने इस इमरजेंसी कानून को पास किया। अब लेबनान के नागरिकों को नई सरकार चुनने के लिए साल 2028 तक का इंतजार करना होगा।
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चुनाव टालने का मुख्य कारण क्या है?
संसद ने इस फैसले के पीछे खराब सुरक्षा व्यवस्था और युद्ध को जिम्मेदार बताया है।
- अधिकारियों के अनुसार मौजूदा हालात में वोटिंग कराना पूरी तरह से असंभव है।
- आम जनता के लिए घरों से निकलकर पोलिंग स्टेशन तक जाना सुरक्षित नहीं है।
- बेरूत में हुई संसद की बैठक में बहुमत के साथ इस फैसले को पास किया गया।
- सुरक्षा के हालात को देखते हुए पुरानी सरकार ही अभी काम संभालती रहेगी।
इस फैसले का आम जनता पर क्या असर होगा?
इस फैसले से देश की राजनीतिक स्थिति में एक बड़ा ठहराव आ गया है।
- वर्तमान सांसद बिना किसी नए वोटिंग के अगले 2 साल तक सत्ता में बने रहेंगे।
- लेबनान की जनता अब 2026 के बजाय 2028 के बसंत में वोट डाल सकेगी।
- जब तक देश में सुरक्षा के हालात सामान्य नहीं होते तब तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।
- अल जजीरा की लाइव रिपोर्टिंग के अनुसार इस फैसले का राजनीतिक और मानवीय प्रभाव काफी गहरा हो सकता है।
