लेबनान पर इजरायल के हमले में 394 की मौत, फ्रांस ने बुलाई UN Security Council की इमरजेंसी मीटिंग
लेबनान में पिछले एक हफ्ते से चल रहे इजरायली हमले के कारण हालात बेहद खराब हो गए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अब तक 394 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 83 बच्चे और 42 महिलाएं शामिल हैं. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने United Nations Security Council (UNSC) की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है. फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भी इस हमले की निंदा की है और लेबनान की शांति की अपील की है.
क्या है लेबनान और इजरायल के बीच ताजा विवाद का कारण
इजरायल की सेना (IDF) लेबनान में लगातार हमले कर रही है. इजरायल का कहना है कि वे ईरान की Quds Force और हिजबुल्लाह के कमांडरों को निशाना बना रहे हैं जो इजरायल के नागरिकों पर हमले की योजना बना रहे थे. हाल ही में बेरूत शहर के अंदर रामदा होटल में एक ड्रोन से हमला किया गया. यह हमला ईरान की Quds Force के पांच सीनियर सदस्यों को निशाना बनाकर किया गया था. वहीं, दक्षिण लेबनान में जमीनी लड़ाई के दौरान इजरायल के दो सैनिकों की भी मौत हो गई है.
आम लोगों और लेबनान की स्थिति पर क्या हो रहा है असर
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का आरोप है कि इजरायल की सेना जानबूझकर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को निशाना बना रही है. हाल ही में एक एयरस्ट्राइक में दो पैरामेडिक्स की मौत हो गई है. इस लगातार चल रहे युद्ध और खराब हालात की वजह से लेबनान की संसद ने मई में होने वाले संसदीय चुनाव को भी दो साल के लिए टाल दिया है. आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
दुनिया भर के देशों का इस मामले पर क्या रुख है
- फ्रांस: विदेश मंत्री ने UNSC की बैठक बुलाने की मांग की है ताकि युद्ध को पूरे इलाके में फैलने से रोका जा सके और नागरिकों को बचाया जा सके.
- लेबनान: प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगा रहे हैं.
- रूस: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को बधाई दी है और इस माहौल के बीच ईरान को अपना समर्थन देने की बात कही है.





