सऊदी अरब में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आया है। दुनिया की मशहूर कंपनी Lenovo ने रियाद में अपना सबसे बड़ा कारखाना और क्षेत्रीय मुख्यालय खोला है। यह कारखाना चीन के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा प्लांट होगा, जहाँ अब लैपटॉप और डेस्कटॉप जैसे डिवाइस बनाए जाएंगे। इस कदम से सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।

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सऊदी अरब में कितनी नौकरियां और कितना निवेश होगा?

इस प्रोजेक्ट से सऊदी अरब की गैर-तेल जीडीपी में 2030 तक 10 बिलियन डॉलर जुड़ने की उम्मीद है। कंपनी ने यहाँ बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा करने का लक्ष्य रखा है। यह प्लांट रियाद के स्पेशल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स जोन (SILZ) में बनाया गया है।

  • सीधी नौकरियां: 15,000
  • अप्रत्यक्ष नौकरियां: 45,000
  • कैंपस का आकार: 2,00,000 वर्ग मीटर

क्या बनेगा इस फैक्ट्री में और कैसे होगी ट्रेनिंग?

इस प्लांट में लैपटॉप, डेस्कटॉप और सर्वर जैसे डिवाइस बनाए जाएंगे, जिन पर ‘Saudi Made’ लिखा होगा। कंपनी ने इसके लिए सऊदी इंजीनियरों को खास तौर पर तैयार किया है। 28 सऊदी इंजीनियरों ने चीन में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग ली है और अब वे इस फैक्ट्री में तकनीकी लीडर के तौर पर काम करेंगे। यह प्रोग्राम Alat, निवेश मंत्रालय और मानव संसाधन विकास कोष के सहयोग से चलाया गया।

विज़न 2030 और लेनोवो का नया मुख्यालय

लेनोवो का यह निवेश सऊदी अरब के विज़न 2030 के लक्ष्यों के हिसाब से है। इसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को सिर्फ तेल पर निर्भर न रखकर नए उद्योगों को बढ़ावा देना है। 12 अप्रैल 2026 को कंपनी ने अपना मिडिल ईस्ट, तुर्की और अफ्रीका (META) क्षेत्रीय मुख्यालय रियाद में शुरू किया। इस मौके पर निवेश मंत्री फहद बिन अब्दुलजलील अल सैफ ने कहा कि यह निवेश सऊदी अरब में इनोवेशन और ग्रोथ के लिए एक बड़ा कदम है।