मक्का की ग्रैंड मस्जिद में 27वीं शब पर उमड़ी लाखों की भीड़, नमाज़ और उमराह के लिए प्रशासन ने किए कड़े इंतजाम
सऊदी अरब के मक्का शहर में स्थित ग्रैंड मस्जिद (अल-मस्जिद अल-हरम) में रमजान की 27वीं शब को लाखों की संख्या में नमाजी पहुंचे। इस खास रात को लैलतुल कद्र के रूप में माना जाता है जिसके कारण मस्जिद में तहज्जुद की नमाज़ के लिए भारी भीड़ जमा हुई। प्रशासन ने शांति और सुकून के साथ नमाज़ अदा करने के लिए कई अहम कदम उठाए। इस दौरान सुरक्षा बलों और मस्जिद प्रबंधन ने मिलकर व्यवस्था को संभाला ताकि किसी भी नमाजी को कोई परेशानी न हो।
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भीड़ को सुरक्षित रखने के लिए क्या नियम बनाए गए
मस्जिद में लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कुछ सख्त नियम लागू किए। माताफ (तवाफ़ करने की जगह) को केवल उन उमराह यात्रियों के लिए रिजर्व रखा गया जिन्होंने एहराम (Ihram) पहना हुआ था। इससे भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिली।
- लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए वन-वे (एक तरफा) रास्ते का नियम लागू किया गया।
- नमाजियों को बड़े सामान, खाने-पीने की चीजें और बच्चों की गाड़ियां अंदर ले जाने से मना किया गया।
- इमरजेंसी स्थिति के लिए जगह-जगह सऊदी रेड क्रीसेंट के मेडिकल स्टेशन बनाए गए।
अधिकारियों ने बताया कि इन नियमों के कारण भीड़ को बिना किसी भगदड़ के आसानी से संभाल लिया गया।
यात्रियों और नमाजियों के लिए दी गई सुविधाएं
मस्जिद के पूरी तरह भर जाने के बाद भी लोगों को कोई कमी महसूस नहीं होने दी गई। लोगों को दिशा-निर्देश देने के लिए नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म और रोबोट का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, सफाई व्यवस्था को और बेहतर करते हुए दिन में 10 बार मस्जिद की सफाई की गई।
- गर्मी और उमस से बचाने के लिए मस्जिद के सभी एस्केलेटर और एसी को 100 प्रतिशत क्षमता पर चलाया गया।
- भीड़ को संभालने के लिए प्राइवेट गाड़ियों की एंट्री रोक दी गई और मक्का बस सेवा को 24 घंटे चालू रखा गया।
- नमाजियों की प्यास बुझाने के लिए 20 लाख से ज्यादा आबे ज़मज़म की बोतलें बांटी गईं।
पार्किंग और बस सेवाओं के सही संचालन से मक्का शहर में रहने वाले प्रवासियों और बाहर से आने वाले यात्रियों को मस्जिद तक पहुंचने में काफी आसानी हुई।




