Marco Rubio का बड़ा बयान, महीनों नहीं बल्कि कुछ ही हफ्तों में खत्म हो जाएगा ईरान युद्ध
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान में जारी युद्ध महीनों तक नहीं चलेगा। फ्रांस में आयोजित G7 देशों की बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि अमेरिका अपने मुख्य सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने के करीब है और यह जंग अगले कुछ हफ्तों में खत्म हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि वे अपने तय समय से आगे चल रहे हैं और बिना जमीनी सैनिकों के इस्तेमाल के ही इस ऑपरेशन को पूरा कर लेंगे।
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युद्ध को लेकर अमेरिका और सहयोगी देशों की क्या है तैयारी?
अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों ने इस युद्ध को लेकर अपनी रणनीति साझा की है। राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान में अभी भी 3,500 सैन्य ठिकाने निशाने पर हैं। हालांकि, मानवीय सहायता और वैश्विक व्यापार को देखते हुए कुछ अहम फैसले भी लिए गए हैं।
- हवाई हमले: अमेरिका और इजरायल ने ईरानी मिसाइल नेटवर्क और सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।
- Strait of Hormuz: समुद्री रास्ते को खोलने के लिए समय सीमा बढ़ाई गई है ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर कम हो।
- G7 का रुख: फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने आम नागरिकों पर हमले रोकने और समुद्री रास्तों को तुरंत सुरक्षित करने की मांग की है।
- बिना जमीनी सेना: Marco Rubio ने साफ किया है कि अमेरिका को इस लक्ष्य के लिए जमीन पर सेना उतारने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
खाड़ी देशों में सुरक्षा की स्थिति और प्रवासियों पर असर
ईरान के साथ जारी इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रह रहे लोगों और खासकर भारतीय प्रवासियों पर पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में क्षेत्र में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जो सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हैं। सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों में अलर्ट जारी है।
| स्थान | घटना का विवरण |
|---|---|
| सऊदी अरब | रियाद और पूर्वी प्रांत के ऊपर 3 ड्रोन मार गिराए गए। |
| कुवैत | Shuwaikh Port पर ड्रोन हमला हुआ जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। |
| कतर | सुरक्षा खतरों को देखते हुए निवासियों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई। |
| लेबनान | इजरायली हमलों में 26 लोगों की मौत और 86 लोग घायल हुए। |
खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं, इसलिए औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को सावधान रहने को कहा गया है। सऊदी अरब के एयर बेस पर हुए हमले में एक दर्जन अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं।




