MEA Update: खाड़ी देशों के हालातों के बीच 5 भारतीयों की मौत, अब तक 2.6 लाख लोगों की हुई वतन वापसी
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर ताजा जानकारी साझा की है। मंत्रालय के अनुसार खाड़ी देशों में हुई अलग-अलग घटनाओं में 5 भारतीय नागरिकों की जान गई है और एक नागरिक अब भी लापता है। फरवरी के अंत से लेकर अब तक लगभग 2.6 लाख भारतीय नागरिक खाड़ी देशों से वापस अपने वतन लौट आए हैं। सरकार लगातार वहां फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी है।
भारतीयों की सुरक्षा और वतन वापसी पर ताजा आंकड़े
विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी Aseem R Mahajan ने बताया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक 2.6 लाख से ज्यादा यात्री सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान में फंसे भारतीयों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते निकाला जा रहा है। ओमान के सोहार शहर में जान गंवाने वाले दो भारतीयों के पार्थिव शरीर को जयपुर भेज दिया गया है। सरकार अन्य तीन मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत लाने की कोशिश कर रही है।
भारतीय जहाजों और समुद्री रास्तों की स्थिति
- वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं जिनमें 600 से अधिक क्रू सदस्य मौजूद हैं
- Directorate General of Shipping इन सभी जहाजों और 611 नाविकों की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है
- मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले किसी भी जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है
- ईरान और पड़ोसी देशों के जरिए फंसे हुए छात्रों और कामगारों को वीज़ा और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं
मुश्किल हालातों में फंसे लोगों के लिए मदद की व्यवस्था
जिन देशों से सीधी फ्लाइट नहीं चल रही है वहां के भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते भेजने की व्यवस्था की गई है। कुवैत और बहरीन में मौजूद भारतीय मिशन यात्रियों को ट्रांजिट वीज़ा दिलाने में मदद कर रहे हैं। मंत्रालय ने एक स्पेशल कंट्रोल रूम भी बनाया है जो 24 घंटे काम कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में राज्य सरकारों और प्रभावित परिवारों से तालमेल बिठाया जा सके। MEA के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि खाड़ी के ऊर्जा केंद्रों पर हमले चिंताजनक हैं और Strait of Hormuz में रुकावटों से भारत की LNG सप्लाई पर असर पड़ने लगा है।




