अब 1200 KM का लंबा Narmada Expressway हो रहा तैयार. MP अमरकंटक समेत 12 टूरिस्ट प्लेस जाना होगा घंटों का काम.
मध्य प्रदेश में विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए नर्मदा एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। यह राज्य का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा, जो न केवल 11 जिलों को जोड़ेगा, बल्कि गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों से भी बेहतर कनेक्टिविटी देगा।
नर्मदा एक्सप्रेसवे की खासियत
1. लंबाई और लागत:
नर्मदा एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 1200 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण में 31,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
2. किन जिलों से गुजरेगा:
यह एक्सप्रेसवे अमरकंटक से शुरू होकर अलीराजपुर तक जाएगा। यह अनूपपुर, ढिंडोरी, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी और अलीराजपुर जिलों से होकर गुजरेगा।

3. राज्यों की कनेक्टिविटी:
यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश को गुजरात और छत्तीसगढ़ से जोड़ेगा।
- अलीराजपुर से अहमदाबाद और अनूपपुर से छत्तीसगढ़ तक की कनेक्टिविटी आसान होगी।
4. सड़क नेटवर्क से जुड़ाव:
नर्मदा एक्सप्रेसवे को लगभग 30 नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जिलों की सड़कों से जोड़ा जाएगा। भविष्य में इन सड़कों को फोर-लेन में बदला जाएगा।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
नर्मदा एक्सप्रेसवे न केवल बेहतर कनेक्टिविटी देगा बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास में भी बड़ा योगदान देगा।
- पर्यटन स्थलों की आसान यात्रा:
पर्यटक अब ओंकारेश्वर, अमरकंटक, और भेड़ाघाट जैसे प्रसिद्ध स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। - रोजगार के नए अवसर:
एक्सप्रेसवे के निर्माण और संचालन से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। - निवेश को बढ़ावा:
एक्सप्रेसवे के जरिए मध्य प्रदेश, गुजरात, और छत्तीसगढ़ में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
2026 तक होगा तैयार
नर्मदा एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। जो हाईवे इस एक्सप्रेसवे से जुड़ रहे हैं, उन्हें भी चौड़ा कर फोर-लेन बनाया जाएगा।





