Finance Minister Nirmala Sitharaman News: पाकिस्तान में 200% महंगा हुआ तेल, भारत में एक्साइज ड्यूटी घटाकर सरकार ने दी राहत
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को राज्यसभा में देश की आर्थिक स्थिति और पश्चिम एशिया के संकट पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में ईंधन की भारी कमी और महंगाई है, लेकिन भारत सरकार अपनी नीतियों से नागरिकों को इस बोझ से बचाने की कोशिश कर रही है।
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भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कैसे कंट्रोल किया जा रहा है?
सीतारमण ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से दुनिया भर में ईंधन के दाम 20% से 50% तक बढ़ गए हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi के निर्देश पर भारत सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाली स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। इससे आम आदमी पर वैश्विक महंगाई का सीधा असर कम करने में मदद मिली है। इसके साथ ही सरकार ने ‘इनफॉर्मल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स’ (IGOM) बनाया है जो रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में इस संकट पर नजर रख रहा है। देश में ऊर्जा सुरक्षा के लिए सक्रिय सप्लाई लाइनें बरकरार रखी गई हैं।
पाकिस्तान और अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति क्या है?
मंत्री ने डेटा पेश करते हुए बताया कि पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। वहां ईंधन बचाने के लिए स्मार्ट लॉकडाउन और दफ्तरों के लिए चार दिन का वर्किंग वीक लागू किया गया है। दूसरी तरफ, भारत में स्थिति स्थिर बनी हुई है और सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह से निराधार बताया है।
| देश/क्षेत्र | ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी |
|---|---|
| पाकिस्तान | हाई-ऑक्टेन तेल पर 200% तक की वृद्धि |
| दक्षिण-पूर्व एशिया | 30% से 50% के बीच बढ़ोतरी |
| उत्तरी अमेरिका | 30% की वृद्धि |
| यूरोप | 20% की वृद्धि |
| अफ्रीकी देश | 50% की वृद्धि |
पश्चिम एशिया संकट और भारतीय प्रवासियों पर इसका असर
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से भारत सरकार वहां फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रही है। अब तक लगभग 4,75,000 यात्री भारत लौट चुके हैं। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने स्पष्ट किया है कि ईरान ने भारत जैसे मित्र देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने का रास्ता खुला रखा है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति बनी हुई है। भारत सरकार लगातार राजनयिक प्रयास कर रही है ताकि तेल की सप्लाई बाधित न हो और प्रवासियों को किसी भी तरह की सुरक्षा संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।




