नोएडा में फैक्ट्री वर्कर्स का प्रदर्शन हुआ हिंसक, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, वेतन वृद्धि को लेकर मचा बवाल
नोएडा के औद्योगिक इलाकों में सोमवार को भारी हंगामा हुआ। फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन चौथे दिन हिंसक हो गया, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस बवाल की वजह से नोएडा और दिल्ली के बॉर्डर पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और कामकाज काफी प्रभावित हुआ।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
- महीने की सैलरी 18,000 से 20,000 रुपये के बीच करने की मांग।
- काम करने की बेहतर स्थिति और ड्यूटी के घंटों को तय करना।
- ओवरटाइम का पैसा समय पर मिलना और वेतन में समय-समय पर सुधार।
- पड़ोसी राज्य हरियाणा के मुकाबले कम वेतन मिलने से कर्मचारी नाराज थे।
सरकार और पुलिस ने क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक विवाद को सुलझाने के लिए एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी में औद्योगिक विकास आयुक्त, लेबर यूनियन के प्रतिनिधि और उद्यमियों के सदस्य शामिल होंगे। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्णा ने बताया कि हिंसा भड़काने वाले बाहरी लोगों की पहचान की जा रही है और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया और किसी भी तरह की फायरिंग नहीं हुई। साथ ही, अफवाह फैलाने वाले कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
हिंसा से क्या नुकसान हुआ और वर्तमान स्थिति क्या है?
प्रदर्शन के दौरान सेक्टर 59, 60, 84 और फेज 2 जैसे इलाकों में काफी तोड़फोड़ हुई। प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और दो मोटरसाइकिलों सहित अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हालात को संभालने के लिए PAC और RAF की भारी फोर्स तैनात की गई है। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि यह unrest दूसरे इलाकों में न फैले। जिला प्रशासन ने कर्मचारियों की मदद और शिकायतों के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया है।




