ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, भाव 2% से ज़्यादा उछला, सऊदी ने जताई 180 डॉलर तक जाने की आशंका.
वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। ईरान के साथ जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। 6 अप्रैल 2026 को तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चिंता में डाल दिया है और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी महंगाई की चिंता बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में कितना हुआ बदलाव और क्या हैं मौजूदा भाव?
बाज़ार में ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 110 से 111 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमत भी 112 से 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। आईईए ने इसे वैश्विक तेल बाज़ार के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सप्लाई बाधा बताया है। सऊदी अरब के अधिकारियों का मानना है कि अगर यह युद्ध अप्रैल के अंत तक जारी रहा, तो तेल की कीमतें 180 डॉलर प्रति बैरल को भी पार कर सकती हैं।
भारत और अन्य एशियाई देशों के लिए तेल की खरीद अब और भी महंगी होने वाली है। सऊदी अरब इस सप्लाई संकट को देखते हुए एशिया के लिए अपनी आधिकारिक बिक्री कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर सकता है। बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक युद्ध शांत नहीं होता, तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद बहुत कम है।
ट्रंप की चेतावनी और होर्मुज जलडमरूमध्य का ताज़ा अपडेट क्या है?
खाड़ी क्षेत्र में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है और मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी ज़्यादातर जहाजों के लिए पूरी तरह बंद है जिससे सप्लाई रुकी हुई है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल तक इसे न खोलने पर ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
- ईरान ने साफ़ कर दिया है कि जब तक उसे युद्ध के नुकसान का पूरा मुआवज़ा नहीं मिलता, वह रास्ता नहीं खोलेगा।
- ओमान की मध्यस्थता की कोशिशों के बावजूद ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत करने से मना कर दिया है।
- OPEC+ देशों ने उत्पादन में मात्र 206,000 बैरल की मामूली बढ़ोतरी की है, जिसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है।
- कतर एनर्जी के एक तेल टैंकर पर भी हमले की खबर आई है, जिससे समुद्री व्यापार और असुरक्षित हो गया है।




