Oman और China के बीच हुई बड़ी बैठक, GCC देशों में Free Trade Agreement लागू होने से सस्ता होगा सामान
ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश संवर्धन मंत्रालय (MoCIIP) के अवर सचिव महामहिम गालिब बिन सईद अल ममारी ने मस्कट में चीनी राजदूत के साथ एक अहम बैठक की। 11 मार्च 2026 को हुई इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और चीन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Free Trade Agreement) की प्रक्रिया को तेज करना था। इस समझौते के लागू होने से खाड़ी देशों में व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा असर बाजार और आम लोगों पर पड़ेगा।
इस समझौते से आम लोगों और व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?
इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरी तरह लागू होने से चीन से आयात होने वाले सामानों की कीमत कम होने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों को होगा क्योंकि उन्हें बाजार में चीजें सस्ते दामों पर मिल सकेंगी। इसके साथ ही, ओमान के स्थानीय उत्पादों को चीन के एक बहुत बड़े बाजार में बिना किसी रुकावट के पहुंचने का मौका मिलेगा। 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार चीन और GCC देशों के बीच गैर-तेल व्यापार इस साल 100 अरब डॉलर के पार जाने की संभावना है। दोनों देशों के अधिकारियों ने व्यापार के रास्ते में आने वाली सभी रुकावटों को खत्म करने पर सहमति जताई है जिससे आयात-निर्यात करने वाली कंपनियों का काम आसान हो जाएगा।
ओमान में निवेश के क्या हैं नए आंकड़े और योजनाएं?
अधिकारियों ने अपनी चर्चा में औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। इस साल होने वाले दूसरे चीन-GCC शिखर सम्मेलन से पहले 2004 से रुके हुए इस समझौते को पूरा करने की पूरी कोशिश की जा रही है। ओमान के व्यापारिक आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं:
- साल 2030 तक ओमान के औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी निवेश (FDI) करीब 8.490 अरब ओमानी रियाल तक पहुंचने का अनुमान है।
- वर्तमान में ओमान के गैर-तेल निर्यात में सालाना 10.5 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखने को मिल रही है।
- इस व्यापारिक समझौते से गल्फ में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलने की पूरी संभावना है।
महामहिम गालिब बिन सईद अल ममारी ने इस साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देशों के बीच बाजार तक पहुंच आसान होने से आने वाले समय में आर्थिक मोर्चे पर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।




