Oman ने Iran के गैस प्लांट पर हमले की निंदा की, खाड़ी देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ा खतरा
ओमान के विदेश मंत्रालय ने ईरान के South Pars गैस क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की है। ओमान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा बताया है। 18 और 19 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक बयानों में ओमान ने स्पष्ट किया कि नागरिक सुविधाओं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना आवश्यक है। ओमान ने सभी संबंधित पक्षों से तुरंत दुश्मनी रोकने और बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने की अपील की है।
ईरान और अन्य खाड़ी देशों की क्या है वर्तमान स्थिति?
ईरान ने South Pars गैस सुविधा पर हुए हमलों के लिए Israel और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी है कि ऊर्जा ढांचे पर हमलों के परिणाम गंभीर होंगे। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पड़ोसी खाड़ी देशों को भी धमकी दी है कि अगर उन पर हमले जारी रहे तो उनके तेल और गैस उद्योगों को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। कतर के Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले की पुष्टि हुई है, जिससे वहां नुकसान हुआ है।
क्षेत्र के अन्य देशों और अमेरिका की प्रतिक्रिया
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच विभिन्न देशों ने अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं और आधिकारिक बयान जारी किए हैं। इसकी जानकारी नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:
| देश/संस्था | ताजा कदम और बयान |
|---|---|
| UAE | मिसाइल हमलों के खतरे के कारण Habshan और Bab गैस प्लांट बंद किए |
| Saudi Arabia | सैन्य कार्रवाई के विकल्प को खुला रखने की बात कही |
| Qatar | ईरानी मिसाइल हमले की निंदा की और सुरक्षा बढ़ाई |
| USA | ट्रंप ने कहा कि अगर कतर पर हमला हुआ तो South Pars को पूरी तरह तबाह कर देंगे |
| Israel | रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायली वायुसेना ने South Pars पर हमला किया |
ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की एक हवाई हमले में मौत के बाद तनाव और अधिक बढ़ गया है। ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर इन हमलों को आर्थिक युद्ध की ओर एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।




