Oman New Policy: ओमान का बड़ा फैसला, ईरान के खिलाफ जंग के लिए किसी को नहीं मिलेगी सैन्य मदद
ओमान के विदेश मंत्री सय्यद बद्र अलबुसैदी ने साफ़ कर दिया है कि उनका देश ईरान के खिलाफ चल रही जंग में किसी भी पक्ष को अपनी ज़मीन या सैन्य अड्डों का इस्तेमाल नहीं करने देगा। उन्होंने ओमान के प्रमुख संपादकों के साथ हुई एक बैठक में यह स्पष्ट किया कि ओमान इस पूरे मामले में तटस्थ बना हुआ है। सरकार का कहना है कि वे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्र की शांति को सबसे ऊपर रखते हैं और किसी भी सैन्य गुटबाजी में शामिल नहीं होंगे।
ओमान सरकार की आधिकारिक नीति से जुड़ी मुख्य बातें
ओमान के विदेश मंत्रालय ने अपनी नीति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का हर हाल में पालन होना चाहिए। बैठक में जो अहम फैसले साझा किए गए वे इस प्रकार हैं:
- ओमान ने किसी भी विदेशी सेना को अपने सैन्य बेस इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है
- अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों को ओमान ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है
- ओमान अपनी संतुलित और निष्पक्ष छवि को बनाए रखने के लिए किसी भी पक्ष का साथ नहीं देगा
- सुल्तान हैथम बिन तारिक ने क्षेत्रीय शांति के लिए ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर विस्तार से बात की है
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या होगा असर
ओमान और आसपास के खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं। क्षेत्रीय स्थिरता इन सभी लोगों की सुरक्षा और उनकी नौकरी के लिए बहुत ज़रूरी है। ओमान का यह फैसला इस इलाके में तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर ओमान जैसे देश शांति और बातचीत की वकालत करते हैं, तो इससे वहां काम करने वाले भारतीयों और व्यापार पर बुरा असर पड़ने की संभावना कम हो जाती है। इसके साथ ही, ओमान ने ईद अल फितर की छुट्टियों का भी ऐलान कर दिया है जो 31 मार्च 2026 से शुरू होंगी।




