ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद सरकार सख्त, विदेश मंत्रालय ने शुरू की बड़ी जांच
ओमान के सलालाह पोर्ट (Port of Salalah) पर हुए ड्रोन हमले को लेकर ओमान के विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने इन हमलों को कायरतापूर्ण बताया है और इसकी उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। यह हमला 28 मार्च 2026 को हुआ था जिसमें दो ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। इस घटना में एक विदेशी कामगार को मामूली चोटें आई हैं और पोर्ट की एक क्रेन को थोड़ा नुकसान पहुंचा है। अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
ओमान के सलालाह पोर्ट पर हुए हमले में क्या नुकसान हुआ?
शनिवार को हुए इस हमले में पोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाने की कोशिश की गई। ओमान सरकार ने पुष्टि की है कि हमले में दो ड्रोनों का इस्तेमाल हुआ था। इस हमले के दौरान वहां काम कर रहे एक प्रवासी मजदूर को मामूली चोटें आईं, जिसे तुरंत मेडिकल सहायता दी गई। पोर्ट की एक बड़ी क्रेन को भी हल्का नुकसान पहुंचा है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वे देश की सुरक्षा और वहां रहने वाले सभी लोगों की सलामती के लिए हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय की जांच और आधिकारिक बयान
ओमान के विदेश मंत्रालय ने 29 मार्च 2026 को जारी अपने बयान में कहा कि हमलावरों की पहचान के लिए गहन जांच जारी है। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि ओमान हमेशा से शांति और तटस्थता की नीति अपनाता रहा है। विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पर दुख जताया है और कहा है कि बातचीत ही किसी भी संकट का असली समाधान है। अधिकारियों ने बताया कि वे हमले के पीछे के असली मकसद और स्रोत का पता लगा रहे हैं।
हमले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 28 मार्च 2026 |
| प्रभावित इलाका | Port of Salalah, Oman |
| हमले का जरिया | दो ड्रोन |
| हताहत | एक प्रवासी कर्मचारी (मामूली चोट) |
| ओमान का रुख | सक्रिय तटस्थता और क्षेत्रीय शांति |
ओमान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर कूटनीति का सहारा लें। सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश के सभी प्रमुख ठिकाने और पोर्ट सुरक्षित हैं और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। इस हमले के बाद ओमान में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चर्चा बढ़ गई है, लेकिन सरकार ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है।




