ओमान के सलालाह पोर्ट के तेल भंडार पर हुआ ड्रोन हमला, शिपिंग कंपनी Maersk ने बंद किया काम
ओमान के सलालाह पोर्ट पर 11 और 12 मार्च 2026 को तेल भंडारण टैंकों पर संदिग्ध ड्रोन हमले हुए हैं। इन हमलों के कारण तेल टैंकों में भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। ईरानी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने इसे एक संदिग्ध हमला बताया है। ओमान की नागरिक सुरक्षा टीम आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है और आसपास के टैंकों को ठंडा करने का काम जारी है। इस घटना के बाद गल्फ क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार से जुड़े लोगों में थोड़ी चिंता देखी जा रही है।
कहा हुआ हमला और क्या है नुकसान
ताजा हमला ओमान के ढोफर गवर्नरेट में स्थित सलालाह पोर्ट पर हुआ है। ड्रोन से किए गए इस हमले में सीधे ईंधन टैंक को निशाना बनाया गया। कई ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया गया था, लेकिन एक ड्रोन ने टैंक पर हिट किया। हमले के तुरंत बाद बड़ी शिपिंग कंपनी Maersk ने सुरक्षा कारणों से सलालाह पोर्ट पर अपना सारा काम अगले आदेश तक रोक दिया है। इसके अलावा 11 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तीन कमर्शियल जहाजों पर भी हमले की खबर है। ओमान के ऊर्जा मंत्रालय ने यह साफ किया है कि इस घटना से घरेलू बाजार में तेल की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सुल्तान ने जताई नाराजगी और ईरान का बयान
ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने इस हमले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात की और ओमान की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही। इसके जवाब में ईरानी राष्ट्रपति ने कहा है कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी। मस्कट स्थित अमेरिकी दूतावास ने हालात काबू में आने के बाद अपनी शेल्टर इन प्लेस की गाइडलाइन हटा ली है। गल्फ देशों के संगठन GCC ने भी नागरिक और ऊर्जा सुविधाओं पर हो रहे इस हमले की निंदा की है। वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को ठीक रखने के लिए अमेरिका अपने रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल निकालने की तैयारी कर रहा है।





