Oman के श्रम मंत्रालय (Ministry of Labour) ने प्रवासियों के लिए वर्क परमिट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब जारी होने वाले वर्क परमिट की वैधता 24 महीने की होगी और कई मामलों में इसे रिन्यू नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने नियमों का पालन न करने या देरी करने पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान रखा है, जो वहां रह रहे भारतीय कामगारों के लिए जानना बेहद जरूरी है।

ℹ: Oman सरकार का बड़ा फैसला, Residence Card अब 10 साल तक रहेगा वैलिड, जान लीजिये फीस

वर्क परमिट की अवधि और रिन्यूअल के नियम

मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए फैसले (Ministerial Decision No. 602/2025) के अनुसार, वर्क परमिट की अवधि अब 24 महीने तय की गई है। यह परमिट अवधि समाप्त होने के बाद रिन्यू नहीं किया जाएगा। हालांकि, वर्क प्रैक्टिस परमिट भी 24 महीने तक मान्य होगा, लेकिन इसे रिन्यू कराने की सुविधा दी गई है। यह नियम जनवरी 2026 के आसपास प्रभावी होने की जानकारी सामने आई है।

देरी करने पर कितना लगेगा जुर्माना

अगर कोई नियोक्ता या कामगार परमिट रिन्यू कराने या डेटा रजिस्टर करने में देरी करता है, तो उस पर सख्त आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यह जुर्माना आगमन या समाप्ति की तारीख से ही गिना जाएगा।

  • रिन्यूअल या डेटा रजिस्ट्रेशन में देरी पर प्रति माह 10 OMR का जुर्माना लगेगा।
  • यह जुर्माना अधिकतम 500 OMR प्रति कामगार तक जा सकता है।
  • अगर वर्कर का स्टेटस ठीक (Regularize) नहीं किया गया, तो व्यक्तियों के लिए 15 OMR और कंपनियों के लिए 20 OMR प्रति माह का अतिरिक्त दंड है।

फीस में छूट और ओमानाइजेशन

सरकार ने ओमानाइजेशन (Omanisation) के तहत नियमों का सही से पालन करने वाले नियोक्ताओं को फीस में 30% की छूट देने का फैसला किया है। वहीं, जो कंपनियां नियमों को नहीं मानेंगी, उनसे दोगुनी फीस वसूली जा सकती है। कुछ खास श्रेणी जैसे क्लब या धार्मिक स्थलों में काम करने वाले गैर-ओमानी वर्कर के लिए फीस 101 रियाल रखी गई है, जबकि अन्य प्रोफेशन के लिए यह 201 से 301 रियाल तक हो सकती है। नियोक्ता की मृत्यु या दिवालियापन जैसी स्थितियों में जुर्माने से छूट का भी प्रावधान है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.