OPEC+ मीटिंग में तेल ठिकानों पर हमलों पर जताई चिंता, ईरान और इसराइल युद्ध से सप्लाई पर संकट गहराया.
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच OPEC+ पैनल ने अपनी ताज़ा बैठक में ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. 5 अप्रैल 2026 को हुई इस बैठक में कहा गया कि ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब तेल की सप्लाई पर साफ़ दिखने लगा है. पैनल ने ड्राफ्ट स्टेटमेंट में साफ़ किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना पूरी दुनिया की ऊर्जा ज़रूरतों और सप्लाई के लिए सबसे ज़रूरी है.
ऊर्जा संकट और सप्लाई को लेकर OPEC+ का नया फैसला
ओपेक देशों ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए बाज़ार की कड़ी निगरानी करने की बात कही है. इस बैठक के दौरान कुछ मुख्य बातें सामने आईं जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं:
- ओपेक पैनल ने अप्रैल के लिए तेल उत्पादन में 206,000 बैरल प्रति दिन की मामूली बढ़ोतरी को मंज़ूरी दी है.
- पैनल के मुताबिक तेल और गैस प्लांट को हुए नुकसान की मरम्मत करना बहुत महंगा है और इसमें बहुत वक़्त लगता है.
- एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि बाज़ार की रोज़ाना निगरानी की जाए क्योंकि क्षेत्रीय घटनाक्रम बहुत तेज़ी से बदल रहे हैं.
- ईरान की ओर से खाड़ी के अन्य देशों जैसे कुवैत और यूएई के प्लांट पर हमले होने से सप्लाई चैन टूटने का डर बढ़ गया है.
युद्ध के कारण खाड़ी देशों में ताज़ा स्थिति क्या है?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर तेल की कीमतों और खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों पर पड़ने की संभावना है. पिछले 24 घंटों में कई बड़े घटनाक्रम इस प्रकार रहे हैं:
| देश या संस्था | ताज़ा अपडेट और घटना |
|---|---|
| अमेरिका | राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने पर कड़ी कार्रवाई की धमकी दी. |
| कुवैत | ईरानी ड्रोन हमलों से कुवैत के बिजली और पानी के प्लांट को भारी नुकसान पहुँचा है. |
| UAE | अबू धाबी के बोरूज प्लांट में इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन के मलबे से आग लगने की खबर आई है. |
| ईरान | IRGC ने यूएई, कुवैत और बहरीन में हमलों की जिम्मेदारी ली और और आर्थिक ठिकानों पर हमलों की धमकी दी. |
| WHO/IAEA | ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हमले के बाद परमाणु सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है. |
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी मीडिया पर उनकी स्थिति को ग़लत तरीक़े से पेश करने का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बातचीत जारी है. इन हालातों के कारण खाड़ी में काम करने वाले लाखों भारतीय कामगारों के मन में सुरक्षा और भविष्य की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है.




