पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार देर रात और शुक्रवार की सुबह पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कंधार में जोरदार हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को ‘Operation Ghazab Lil Haq’ नाम दिया है। वहीं, अफगान तालिबान ने भी पाकिस्तानी सीमा पर जवाबी हमले किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच जंग जैसे हालात बन गए हैं।

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क्या हुआ है पिछले 24 घंटों में?

गुरुवार की रात अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सीमा के पास कई सैन्य चौकियों को निशाना बनाया। तालिबान का कहना है कि यह हमला पाकिस्तान के पुराने हमलों का जवाब था। इसके तुरंत बाद, शुक्रवार सुबह पाकिस्तान ने अपनी वायुसेना का इस्तेमाल करते हुए अफगानिस्तान के अंदरूनी हिस्सों पर बमबारी शुरू कर दी। काबुल और कंधार जैसे बड़े शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे वहां के स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल है।

किसका कितना नुकसान हुआ?

दोनों ही देश एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। पाकिस्तान का कहना है कि उसने तालिबान के कई ठिकानों और हथियार डिपो को नष्ट कर दिया है, जबकि तालिबान का दावा है कि उसने पाकिस्तानी सेना को भारी चोट पहुंचाई है। आंकड़ों में काफी अंतर देखा जा रहा है।

विवरण तालिबान का दावा पाकिस्तान का दावा
पाकिस्तानी नुकसान 55 सैनिक मारे गए, 19 चौकियां नष्ट सिर्फ 2 सैनिक मारे गए, कोई चौकी नष्ट नहीं
तालिबान नुकसान कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ 133 लड़ाके मारे गए, 16 ठिकाने तबाह

आगे क्या होने वाला है?

इस ताजी हिंसा ने कतर द्वारा करवाई गई पुरानी शांति वार्ता और युद्धविराम को खतरे में डाल दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ शब्दों में कहा है कि अब सब्र का बांध टूट चुका है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से बातचीत की अपील की है क्योंकि इस लड़ाई से आम नागरिकों की जान को खतरा बढ़ गया है। फिलहाल सीमा पर गोलीबारी और हवाई हमलों का दौर जारी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.