पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 40 घंटों के भीतर 145 आतंकियों को मार गिराया है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने रविवार को क्वेटा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात की पुष्टि की है। यह कार्रवाई तब की गई जब शनिवार सुबह से ही प्रांत के अलग-अलग इलाकों में समन्वित हमले शुरू हो गए थे। सेना और आतंकियों के बीच हुई इस मुठभेड़ को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा सुरक्षा ऑपरेशन माना जा रहा है।

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हमले में जान-माल का कितना हुआ नुकसान?

इस पूरे ऑपरेशन और आतंकी हमलों में भारी जानी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जहां एक तरफ सुरक्षा बलों ने आतंकियों को करारा जवाब दिया, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों और जवानों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है। आतंकी संगठन BLA ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ग्वादर में एक दुखद घटना में एक ही परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई।

ताजा आंकड़ों पर एक नजर:

विवरण संख्या/स्थिति
मारे गए आतंकी 145
सुरक्षा कर्मी शहीद 17 (पुलिस और FC जवान)
आम नागरिक मारे गए 31 (महिलाएं और बच्चे शामिल)
ऑपरेशन का समय 40 घंटे

सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?

हालात को काबू में करने के लिए प्रांतीय और केंद्र सरकार ने सख्त फैसले लिए हैं। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बताया कि अभी भी ‘मॉपिंग-अप’ ऑपरेशन चल रहा है ताकि बचे हुए खतरों को खत्म किया जा सके। क्वेटा समेत बड़े जिलों के अस्पतालों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है ताकि घायलों का तुरंत इलाज हो सके।

  • मोबाइल सेवा बंद: प्रभावित जिलों में रिमोट कंट्रोल धमाकों को रोकने के लिए मोबाइल सिग्नल जाम कर दिए गए हैं।
  • ट्रेन सेवा ठप: सुरक्षा को देखते हुए पूरे प्रांत में ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है।
  • जीरो टॉलरेंस: सरकार ने साफ कहा है कि नागरिकों और सरकारी संपत्ति पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा हिंसा?

सुरक्षा बलों के मुताबिक, यह हमले सुनियोजित तरीके से किए गए थे। आतंकियों ने क्वेटा, मस्तुंग, ग्वादर, पंजगुर और नोशकी समेत कुल 12 कस्बों को निशाना बनाया। पाकिस्तानी सरकार ने इन हमलों के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ होने का शक जताया है, हालांकि भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। फिलहाल सभी मारे गए 145 आतंकियों के शव पाकिस्तानी अधिकारियों के कब्जे में हैं।