पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी पहल की है। चीन ने आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की इस कोशिश का समर्थन किया है और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी बताया है। 29 मार्च 2026 को सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के साथ मिलकर इस्लामाबाद में अहम बातचीत हुई है। इस पूरी कवायद का मुख्य मकसद मध्य पूर्व में शांति बहाल करना और समुद्री व्यापार के लिए जरूरी रास्तों को सुरक्षित बनाना है।

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पाकिस्तान की इस पहल में कौन-कौन से देश दे रहे हैं साथ?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 24 मार्च 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करने का प्रस्ताव रखा था। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि बातचीत और बातचीत ही विवाद सुलझाने का एकमात्र रास्ता है। वर्तमान में तुर्की और मिस्र भी पाकिस्तान की इस मध्यस्थता की कोशिशों में भरपूर सहयोग दे रहे हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने भी 29 मार्च को इस्लामाबाद में हुई बैठक में हिस्सा लिया है ताकि इस संकट का हल निकाला जा सके।

शांति समझौते के मुख्य बिंदुओं में क्या शामिल है?

अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान के सामने 15 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव रखा है। पाकिस्तान इन संदेशों को ईरान तक पहुँचाने का काम कर रहा है। इस प्रस्ताव की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

प्रमुख विषय प्रस्तावित शर्तें
परमाणु और मिसाइल ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं तय करना
समुद्री व्यापार होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को शिपिंग के लिए फिर से खोलना
आर्थिक लाभ ईरान की शर्तों को मानते हुए उस पर लगे कड़े प्रतिबंधों में राहत देना
क्षेत्रीय शांति ईरान द्वारा अन्य सशस्त्र गुटों को दी जाने वाली मदद को रोकना

ईरान और अमेरिका की बातचीत की मौजूदा स्थिति क्या है?

फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने स्पष्ट किया है कि यह एक परोक्ष वार्ता है जिसमें पाकिस्तान संदेशवाहक की भूमिका निभा रहा है। ईरान ने फिलहाल अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को पूरी तरह स्वीकार करने से मना कर दिया है, लेकिन वह संदेशों के आदान-प्रदान के लिए तैयार है। चीन का मानना है कि इस बातचीत से न केवल तनाव कम होगा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते भी सामान्य हो सकेंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.