Kuwait News: कुवैत ने ईरान के हमले को बताया अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन, 10 सैनिक घायल और दर्जनों मिसाइलें मार गिराईं

Sushma Kumari29 March 20262 min read3 viewsKuwait

कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 29 मार्च 2026 को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई अरब लीग की बैठक में उन्होंने इसे कुवैत की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन करार दिया। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में जान-माल का नुकसान हुआ है और यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

हमलों के दौरान कुवैत में क्या-क्या हुआ?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय और सेना ने पिछले 24 घंटों की घटनाओं का ब्योरा जारी किया है। इसमें बताया गया है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था कितनी सतर्क थी और हमलों से क्या नुकसान हुआ:

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  • एक सैन्य कैंप पर हुए हमले में सेना के 10 जवान घायल हुए हैं।
  • कुवैती सेना ने अपनी हवाई सीमा में कुल 14 बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 संदिग्ध ड्रोन का पता लगाया था।
  • सेना ने कार्रवाई करते हुए 26 ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को बीच रास्ते में ही मार गिराया।
  • इन हमलों की वजह से कुछ इलाकों में इमारतों और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की भी खबर है।

क्षेत्रीय स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?

ईरान और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते इस तनाव का असर पूरे क्षेत्र पर देखा जा रहा है। अन्य देशों और संगठनों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है जो नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:

देश या संस्था मुख्य अपडेट और बयान
कतर और बहरीन इन्होंने भी अपनी सीमा में घुस रही मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी।
यूक्रेन राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यूएई के राष्ट्रपति से मिलकर ईरान के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की।
यूरोपियन यूनियन ईयू के विशेष दूत लुइगी डि मेयो ने कुवैत के विदेश मंत्री से मिलकर सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा की।
ईरान ईरानी संसद के स्पीकर ने कहा कि उनकी मिसाइलें तैनात हैं और कार्रवाई जारी रहेगी।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वालों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है क्योंकि तनाव बढ़ने से विमान सेवाओं और काम-काज पर असर पड़ता है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने साफ किया है कि वे इस संकट को बहुत ही धैर्य और समझदारी के साथ संभाल रहे हैं ताकि क्षेत्रीय शांति बनी रहे।

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