पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद भी विवाद, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर छिड़ी जंग, लेबनान में बमबारी जारी
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए एक अस्थायी युद्धविराम समझौता कराया था, लेकिन अब लेबनान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा था कि यह समझौता लेबनान पर भी लागू होगा, लेकिन अमेरिका और इसराइल ने इससे पूरी तरह इनकार कर दिया है। इसी बीच इसराइल ने बेरूत पर अब तक के सबसे बड़े हमले किए हैं जिससे पूरे क्षेत्र में हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं।
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युद्धविराम को लेकर क्या है असली विवाद?
पाकिस्तान और ईरान का दावा है कि यह युद्धविराम लेबनान सहित सभी क्षेत्रों पर लागू है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने स्पष्ट किया है कि लेबनान इस समझौते का अटूट हिस्सा है। इसके उलट, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि लेबनान इस युद्धविराम के दायरे में नहीं आता है। इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी साफ कर दिया है कि वे लेबनान में हमले जारी रखेंगे। इस भ्रम और मतभेद के कारण शांति की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है और लेबनान में हिंसा बढ़ गई है।
ताजा हालात और व्यापारिक रास्तों पर संकट
- ईरान ने लेबनान में हो रहे हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद करने का फैसला किया है।
- इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका और ईरान की उच्च स्तरीय बातचीत अब अनिश्चित हो गई है क्योंकि ईरान ने हमले रुकने तक चर्चा से पीछे हटने की धमकी दी है।
- इसराइल ने 8 और 9 अप्रैल को बेरूत में भीषण बमबारी की है जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं और एक हजार से ज्यादा घायल हुए हैं।
- लेबनान के प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान से इस बात की पुष्टि मांगी है कि क्या उनका देश वाकई युद्धविराम समझौते में शामिल है।
- ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों के लिए वैकल्पिक रास्तों की घोषणा की है क्योंकि पुराने रास्तों पर बारूदी सुरंगों का खतरा बढ़ गया है।




