पाकिस्तान में ईधन की कमी और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने एक कड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि देश के ज़्यादातर हिस्सों में बाज़ार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे। यह फैसला 7 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और इसे ऊर्जा संरक्षण उपायों के तहत लागू किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-इजराइल के ईरान के साथ संघर्ष की वजह से सप्लाई चैन पर बुरा असर पड़ा है जिससे ऊर्जा संकट गहरा गया है।

🚨: अमेरिका ने दी ईरान को बड़ी चेतावनी, ऊर्जा ठिकानों पर हमले की तैयारी शुरू, 7 अप्रैल तक का दिया समय.

किन इलाकों में और किस समय लागू होंगे नए नियम

सरकार ने अलग-अलग संस्थानों के लिए समय सीमा तय की है ताकि बिजली और तेल की खपत को कम किया जा सके। इसके तहत पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, इस्लामाबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान और आजाद जम्मू-कश्मीर में नियम सख्ती से लागू होंगे।

  • मार्केट, शॉपिंग मॉल और जनरल स्टोर रात 8 बजे बंद होंगे
  • खैबर पख्तूनख्वा के डिविजनल हेडक्वार्टर में बाज़ार रात 9 बजे तक खुले रह सकते हैं
  • बेकरी, रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानें रात 10 बजे तक बंद करनी होंगी
  • शादी हॉल और मार्की के लिए भी रात 10 बजे का समय तय किया गया है
  • मेडिकल स्टोर और फार्मेसी को इन पाबंदियों से पूरी तरह छूट दी गई है

ईधन संकट से निपटने के लिए उठाए गए अन्य ज़रूरी कदम

बलूचिस्तान में कमर्शियल इमारतों और सरकारी दफ्तरों में गैर-ज़रूरी लाइटों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है। वहां कारोबार बंद होने के बाद एयर कंडीशनिंग, लिफ्ट और एस्केलेटर चलाने की अनुमति नहीं होगी। सिंध प्रांत में अभी इन नियमों को लेकर व्यापारियों के साथ बातचीत चल रही है, इसलिए वहां इसे फिलहाल लागू नहीं किया गया है।

क्षेत्र नियम/छूट
सिंध प्रांत अभी बातचीत जारी, लागू नहीं हुआ
पब्लिक ट्रांसपोर्ट गिलगित और मुजफ्फराबाद में एक महीने फ्री बस सेवा
निजी आवास घर पर शादी समारोह रात 10 बजे के बाद नहीं होंगे
आधिकारिक घोषणा प्रधानमंत्री कार्यालय और ईशाक डार की अध्यक्षता में फैसला

पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने संकेत दिया है कि आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए बाज़ारों को जल्दी बंद करना ज़रूरी कदम है। राहत के तौर पर प्रधानमंत्री ने कुछ इलाकों में जनता के लिए मुफ्त बस यात्रा का भी ऐलान किया है ताकि आम आदमी पर आर्थिक बोझ थोड़ा कम हो सके।