अमेरिका ने दी ईरान को बड़ी चेतावनी, ऊर्जा ठिकानों पर हमले की तैयारी शुरू, 7 अप्रैल तक का दिया समय.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा काफी बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो उसके बिजली घरों और तेल क्षेत्रों पर हमला किया जाएगा। अमेरिका ने इसके लिए 7 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे तक का समय तय किया है। इस तनाव की वजह से खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी है और तेल बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। खाड़ी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।
अमेरिका की डेडलाइन और संभावित कार्रवाई क्या है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए राजी नहीं होता है, तो अमेरिका उसके ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाएगा। ट्रंप के अनुसार वह ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करने और बुनियादी ढांचे को नष्ट करने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है। हालांकि, ईरान ने किसी भी समय सीमा को मानने से इनकार कर दिया है और अपना जवाब पाकिस्तान के माध्यम से भेजा है।
हालिया हमले और सुरक्षा की मौजूदा स्थिति
क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं और पिछले 24 घंटों में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के भीतर भी हमलों की खबरें आई हैं। मौजूदा स्थिति को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
| क्षेत्र | घटना की जानकारी | असर और नुकसान |
|---|---|---|
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | 14 मिसाइल और 19 ड्रोनों का हमला | सिस्टम ने हमले रोके, 4 लोग घायल हुए |
| तेहरान (ईरान) | अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले | 19 लोगों की मौत और 20 घायल |
| असालूयेह (ईरान) | पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमला | इजरायल ने हमले की जिम्मेदारी ली |
| बुशहर (ईरान) | परमाणु संयंत्र के पास सैन्य हमला | परमाणु संयंत्र को नुकसान नहीं हुआ |
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका की इन धमकियों को युद्ध अपराध करार दिया है। वहीं ईरान के वरिष्ठ सलाहकारों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उनके बिजली घरों पर हमला करता है, तो वे अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर जवाबी हमला करेंगे। इजरायल के रक्षा मंत्री ने भी कहा है कि वे ईरान के बुनियादी ढांचे को तबाह करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अमेरिका की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।




