US-Iran Peace Talks: पाकिस्तान की कोशिश, दोबारा इस्लामाबाद बुलाए जाएंगे अमेरिका और ईरान के अफसर, ceasefire खत्म होने से पहले होगी मीटिंग
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान एक बार फिर बड़ी कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता का दूसरा दौर आयोजित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसका मुख्य मकसद मौजूदा ceasefire को आगे बढ़ाना और इलाके में युद्ध जैसी स्थिति को रोकना है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया है कि विवाद सुलझाने के लिए पूरी कोशिशें की जा रही हैं।
दूसरा दौर कब और क्यों होगा?
अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत 11 और 12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में हुई थी, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया। अब पाकिस्तान ने 18 और 19 अप्रैल को दोबारा मीटिंग बुलाने का सुझाव दिया है। 22 अप्रैल को मौजूदा ceasefire खत्म होने वाला है, इसलिए उससे पहले बातचीत करना बहुत जरूरी है। इस मीटिंग के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि अपने शेड्यूल खाली रख रहे हैं।
बातचीत में क्या मुख्य दिक्कतें आ रही हैं?
दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियारों के खिलाफ एक पक्की प्रतिबद्धता दे, जबकि ईरान का आरोप है कि अमेरिका भरोसा नहीं कर रहा है और अपनी शर्तें बदल रहा है। मुख्य विवादों का विवरण नीचे टेबल में दिया गया है:
| मुख्य मुद्दा | अमेरिका का रुख | ईरान का रुख |
|---|---|---|
| यूरेनियम फ्रीज | 20 साल का फ्रीज चाहिए | 5 साल का निलंबन प्रस्तावित |
| परमाणु सामग्री | सामग्री को पूरी तरह हटाना | अग्रगामी पहल पेश कीं |
| होर्मुज जलडमरूमध्य | नियंत्रण और सुरक्षा पर जोर | अमेरिकी नाकेबंदी का आरोप |
| क्षेत्रीय मुद्दे | विशिष्ट समूहों की फंडिंग रोकना | अमेरिकी ‘मैक्सिमलिज्म’ का आरोप |
अभी मौजूदा हालात क्या हैं?
फिलहाल ceasefire काफी नाजुक है और दोनों तरफ से इसके उल्लंघन की खबरें सामने आई हैं। 14 अप्रैल को अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी, जिसे ईरान ने समुद्री डकैती करार दिया है। अब मध्यस्थ कोशिश कर रहे हैं कि ceasefire को कम से कम 45 दिनों के लिए और बढ़ाया जा सके। पाकिस्तान के अलावा तुर्की भी इस मामले में दोनों देशों के बीच मतभेद दूर करने की कोशिश कर रहा है।




