Pakistan Navy का नया मिशन, समंदर में जहाजों की सुरक्षा के लिए शुरू किया Operation Protector of the Seas
पाकिस्तान ने समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने और व्यापार को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है। इस मिशन का नाम Operation Protector of the Seas रखा गया है जिसे उर्दू में ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर कहा जा रहा है। 9 मार्च 2026 को इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है। यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते तनाव और जहाजों पर होने वाले हमलों को देखते हुए लिया गया है।
इस ऑपरेशन को शुरू करने का मुख्य मकसद क्या है?
पाकिस्तान अपनी ज़रूरत का करीब 90 प्रतिशत व्यापार समुद्री रास्तों के जरिए ही करता है। हाल के दिनों में समुद्र में बढ़ते खतरों और हमलों की वजह से ट्रेड रूट्स पर असर पड़ने की आशंका थी। इस मिशन का मुख्य काम मर्चेंट जहाजों को सुरक्षा देना और यह सुनिश्चित करना है कि मुल्क में तेल और गैस जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई न रुके। नेवी ने अपने युद्धपोतों को तैनात कर दिया है ताकि वे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता मुहैया करा सकें।
ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर से जुड़ी अहम बातें
इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान नेवी ने पहले दिन से ही अपनी निगरानी बढ़ा दी है और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा शुरू कर दी है। इससे जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- शुरुआत: यह ऑपरेशन 9 मार्च 2026 से आधिकारिक तौर पर एक्टिव हो गया है।
- मौजूदा स्थिति: नेवी के युद्धपोत पहले ही दो मर्चेंट जहाजों को सुरक्षा के घेरे में लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
- आवाजाही: एक सुरक्षित जहाज 9 मार्च को ही कराची पोर्ट पर पहुंचने वाला है।
- निगरानी: Joint Maritime Information Coordination Centre (JMICC) के जरिए सभी जहाजों की गतिविधियों पर पल-पल की नज़र रखी जा रही है।
- आर्थिक असर: कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार होने के कारण तेल टैंकरों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है।




