अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान हुआ है. पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में दावा किया है कि इस समझौते में लेबनान को भी शामिल किया गया है. हालांकि, अमेरिका और इसराइल ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया है जिससे मामला उलझ गया है. लेबनान में अभी भी इसराइली हमले जारी हैं और वहां की सरकार ने अब सुरक्षा परिषद जाने का फैसला किया है.

🚨: इसराइल और लेबनान के बीच होगी सीधी बातचीत, Netanyahu बोले हिजबुल्लाह को निहत्था करना है मुख्य लक्ष्य

सीजफायर समझौते को लेकर किसने क्या कहा?

इस पूरे मामले में अलग-अलग देशों की अपनी राय है और जमीन पर हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं. पाकिस्तान और ईरान जहां लेबनान को समझौते का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं अमेरिका इसे एक गलतफहमी कह रहा है.

  • पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि सीजफायर में लेबनान शामिल है और उन्होंने इसराइली हमलों की निंदा की है.
  • ईरान: ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि लेबनान इस समझौते से अलग नहीं है और हमले होने पर वह जवाब देंगे.
  • अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस ने साफ किया है कि लेबनान इस शांति समझौते का हिस्सा नहीं है.
  • इसराइल: इसराइल ने हिजबुल्लाह की गतिविधियों का हवाला देते हुए लेबनान को इस रोक से बाहर रखा है.

लेबनान में जारी हमलों और ताजा घटनाक्रम की जानकारी

समझौते की खबरों के बीच लेबनान में हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते दिख रहे हैं. 8 अप्रैल को हुए हमलों को इसराइल ने अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया है, जिसमें भारी नुकसान हुआ है.

प्रमुख बात ताजा स्थिति
नुकसान की रिपोर्ट लेबनान में पिछले 24 घंटों में 200 से ज्यादा लोगों की जान गई है
ईरान का बड़ा कदम ईरान ने विरोध स्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है
लेबनान का फैसला पीएम नवाफ सलाम ने सुरक्षा परिषद में हमलों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने को कहा है
शांति की कोशिश अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शनिवार को पाकिस्तान में बातचीत के लिए पहुंचेंगे

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने सीजफायर का स्वागत तो किया है लेकिन लेबनान में हो रही बमबारी पर गहरी चिंता जताई है. ब्रिटेन, कनाडा, जापान और यूरोपीय देशों ने भी मांग की है कि लेबनान में तुरंत हमले रुकने चाहिए और उसे इस समझौते में जगह मिलनी चाहिए.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.