मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से बहुत बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। पेंटागन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के कई विकल्प रखे हैं। सऊदी अरब ने भी आज तड़के ईरान की तरफ से आने वाली 4 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। इन घटनाओं से पूरे गल्फ क्षेत्र में खलबली मची हुई है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

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पेंटागन की नई योजना में कौन से ठिकाने शामिल हैं?

पेंटागन ने जो प्लान तैयार किया है, उसमें ईरान के उन बिजली और ऊर्जा केंद्रों को शामिल किया गया है जिनका इस्तेमाल वहां की जनता और सेना दोनों करती है। इसे दोहरा उपयोग कहा जा रहा है ताकि हमले को कानूनी तौर पर जायज ठहराया जा सके। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन ठिकानों को नष्ट करने से ईरान की सैन्य ताकत काफी कम हो जाएगी। इस प्लान में सिर्फ हवाई हमले ही नहीं बल्कि साइबर अटैक और स्पेशल फोर्स के गुप्त ऑपरेशन भी शामिल किए गए हैं।

सऊदी अरब और इसराइल की सुरक्षा को लेकर बड़ी खबरें

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने 7 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर बताया कि उन्होंने अपने पूर्वी क्षेत्र में 4 ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। दूसरी ओर, इसराइल ने भी कहा है कि वह ईरान के अंदर अपने जरूरी लक्ष्यों जैसे परमाणु केंद्रों और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाने का काम लगभग पूरा कर चुका है। व्हाइट हाउस की तरफ से भी कड़ी चेतावनी आई है कि अगर ईरान ने अपना रुख नहीं बदला, तो अमेरिका अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला करने के लिए तैयार है।

  • पेंटागन ने ट्रंप को ईरान के अंदर नए ठिकानों की लिस्ट सौंपी है
  • सऊदी अरब ने 7 अप्रैल को 4 ईरानी मिसाइलें मार गिराईं
  • अमेरिका ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमले की तैयारी कर रहा है
  • इसराइल ने ईरान के हाई प्रायोरिटी टारगेट को निशाना बनाया है
  • अमेरिका ने स्पेशल फोर्स के जरिए छोटी सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं