Persian Gulf में फंसे 540 भारतीय नाविक सुरक्षित, शिपिंग मंत्रालय ने जारी किया ताजा अपडेट
भारत सरकार के बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने समुद्री सुरक्षा और नाविकों की स्थिति को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। मंत्रालय के विशेष सचिव Rajesh Kumar Sinha ने एक ब्रीफिंग में बताया कि फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में मौजूद भारतीय जहाजों या नाविकों के साथ पिछले 24 घंटों में कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है। वर्तमान में वहां 20 भारतीय जहाजों पर तैनात सभी 540 चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और कंपनियां उनके साथ लगातार संपर्क में हैं।
नाविकों की सुरक्षा और वापसी को लेकर क्या कदम उठाए गए?
- मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों में नाविकों के परिवारों और अन्य लोगों से प्राप्त लगभग 200 फोन कॉल और 500 ईमेल के जवाब दिए हैं।
- इसी समय अवधि के दौरान 50 भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से स्वदेश वापस लाया जा चुका है।
- सरकार और निजी शिपिंग कंपनियां स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
- समुद्री सुरक्षा को लेकर मंत्रालय पूरी तरह सतर्क है और नाविकों की मदद के लिए हेल्पलाइन सक्रिय है।
बंदरगाहों की स्थिति और Mundra Port पर मिलने वाली नई सुविधाएं
देश के सभी मुख्य बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी जहाजों की भीड़ या काम रुकने की खबर नहीं है। निर्यात को बढ़ावा देने और व्यापारियों की मदद के लिए Mundra Port ने कुछ विशेष रियायतों की घोषणा की है। इन रियायतों का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट जाने वाले माल की लागत को कम करना है। इन बदलावों की सूची नीचे दी गई है:
| सुविधा का प्रकार | विवरण और लाभ |
|---|---|
| Free Storage | मिडिल ईस्ट जाने वाले एक्सपोर्ट कंटेनरों के लिए समय बढ़ाकर 15 दिन किया गया |
| Reefer Plug-in Charges | इन शुल्कों में 80 प्रतिशत की भारी कटौती की गई है |
| Other Charges | लिफ्ट-ऑन, लिफ्ट-ऑफ और ट्रांसपोर्टेशन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिए गए हैं |




