फिलीपींस में तेल की कीमतों में अचानक आई भारी तेजी के बाद देश में ट्रांसपोर्ट संकट खड़ा हो गया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष की वजह से वहां डीजल के दाम 24 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसे देखते हुए जीपनी (Jeepney) ड्राइवरों ने 26 और 27 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने ऊर्जा संकट को देखते हुए देश में नेशनल एनर्जी इमरजेंसी लागू कर दी है और स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

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हड़ताल और ईंधन की कीमतों से जुड़ी बड़ी बातें

देश में चल रही इस हड़ताल की वजह से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। तेल की कीमतों और सरकारी नीतियों को लेकर ट्रांसपोर्ट यूनियन के बीच काफी गुस्सा है। प्रमुख आंकड़ों और तथ्यों को नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है।

मुख्य विषय विवरण
हड़ताल की अवधि 26 मार्च से 27 मार्च 2026 तक
डीजल की बढ़ी कीमत 92.9 पीसो से बढ़कर 114.9 पीसो प्रति लीटर
बंद गैस स्टेशन देशभर में करीब 415 स्टेशन फिलहाल बंद हैं
पुलिस सुरक्षा मेट्रो मनीला सहित अन्य शहरों में 10,000 जवान तैनात
सरकारी मदद ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए 2.49 अरब पीसो की सब्सिडी जारी

सरकार द्वारा दी जाने वाली राहत और ड्राइवर यूनियन की मांगें

सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कई बड़े आर्थिक उपायों की घोषणा की है ताकि ट्रांसपोर्ट सेक्टर और आम जनता को सहारा मिल सके। विभाग ने मुफ्त सवारी और सब्सिडी की योजना शुरू की है।

  • ट्रेडिशनल जीपनी ड्राइवरों को 5,000 पीसो और मॉडर्न जीपनी वालों को 10,500 पीसो की मदद दी जाएगी।
  • डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन करीब 1 अरब पीसो के बजट से लोगों को मुफ्त बस सेवा दे रहा है।
  • राष्ट्रपति ने फिलहाल सार्वजनिक परिवहन के किराए में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है।
  • ड्राइवर यूनियन की मुख्य मांग तेल पर लगने वाले VAT और एक्साइज टैक्स को तुरंत हटाने की है।
  • यूनियन ने तेल उद्योग के डिरेगुलेशन कानून को रद्द करने और तेल के राष्ट्रीयकरण की मांग उठाई है।
  • बड़ी संख्या में TNVS ड्राइवरों को भी नकद सहायता पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है।

इस पूरे संकट की जड़ मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को माना जा रहा है। फिलीपींस अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के बढ़ने का सीधा असर यहां के आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.