Israel-Iran War: इजराइल के मध्य हिस्से में गिरे ईरानी मिसाइल, क्लस्टर बमों के इस्तेमाल से कई लोग घायल
26 मार्च 2026 को ईरान की ओर से इजराइल के मध्य इलाकों पर ताजा मिसाइल हमले किए गए हैं। इन हमलों में कई लोगों के घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार, इन हमलों में क्लस्टर हथियारों (Cluster Munitions) का इस्तेमाल होने की आशंका जताई गई है। इजराइली सेना ने बताया कि ईरान की तरफ से दागे जा रहे मिसाइलों में से लगभग आधे क्लस्टर बम वाले हैं, जिससे नागरिक इलाकों में ज्यादा खतरा बढ़ गया है।
क्या होते हैं क्लस्टर बम और इनके इस्तेमाल पर क्या है विवाद?
क्लस्टर बम एक ऐसा हथियार है जो फटने के बाद कई छोटे-छोटे बमों को एक बड़े इलाके में बिखेर देता है। दुनिया में इन हथियारों पर रोक लगाने के लिए CCM नाम की एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, लेकिन इजराइल, ईरान और अमेरिका ने इस पर साइन नहीं किए हैं। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, आबादी वाले इलाकों में इनका इस्तेमाल करना काफी खतरनाक माना जाता है। इजराइली विदेश मंत्री ने ईरान के इन हमलों को युद्ध अपराध करार दिया है। वहीं, इजराइल की वायु सेना (IAF) कई बार इन बमों को हवा में नहीं रोकती ताकि अपने इंटरसेप्टर मिसाइलों को बचा सके, क्योंकि लोग पहले से सुरक्षित बंकरों में होते हैं।
मिसाइल हमलों के बाद के ताजा हालात और अन्य अपडेट्स
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पूरे क्षेत्र में देखा जा रहा है। 26 मार्च को ही कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं जो इस संघर्ष की गंभीरता को दिखाती हैं:
| घटना | ताजा अपडेट |
|---|---|
| मिसाइल हमला | मध्य इजराइल में ईरानी मिसाइलों से कई लोग घायल हुए। |
| कुवैत में गिरफ्तारी | कुवैत ने हिजबुल्लाह की साजिश में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। |
| ईरानी प्रतिक्रिया | ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव (Ceasefire) को ठुकरा दिया है। |
| इजराइली पलटवार | इजराइल ने ईरान के इस्फ़हान में सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले किए। |
| हिजबुल्लाह | हिजबुल्लाह ने इजराइल के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल दागने का दावा किया। |
| नुकसान का दावा | ईरान ने कहा कि युद्ध शुरू होने से अब तक 85,000 नागरिक ठिकाने तबाह हुए हैं। |
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। कुवैत में हुई गिरफ्तारियों के बाद सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी शर्तों और समय के हिसाब से ही युद्ध रोकने पर विचार करेगा। इजराइल ने भी अपने हमलों को तेज करते हुए ईरान के मुख्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।




