फिलीपींस सरकार ने पूरे देश में बिजली बाजार को किया बंद, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण ईंधन सप्लाई पर बढ़ा खतरा
फिलीपींस सरकार ने मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को देखते हुए पूरे देश के थोक बिजली बाजार (Wholesale Electricity Spot Market) को अगली सूचना तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। सरकार ने यह फैसला ईंधन की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और सप्लाई में आने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए लिया है। एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन (ERC) ने 26 मार्च 2026 से इस आदेश को लागू कर दिया है ताकि आम जनता पर बिजली के बढ़ते दामों का ज्यादा बोझ न पड़े और देश में बिजली संकट न पैदा हो।
देश में बिजली बाजार को क्यों बंद करना पड़ा?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। फिलीपींस के राष्ट्रपति ने देश में नेशनल एनर्जी इमरजेंसी का ऐलान किया है, जिसके बाद ऊर्जा विभाग (DOE) ने बिजली बाजार को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। सरकार का मानना है कि अगर बाजार खुला रहता तो फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल आता, जिससे आम लोगों के लिए बिजली के दाम बहुत बढ़ सकते थे। इस दौरान नेशनल ग्रिड और मार्केट ऑपरेटर को सरकारी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
अब बिजली की कीमतों और सप्लाई के लिए क्या होंगे नए नियम?
बिजली बाजार के सस्पेंड रहने तक सरकार ने एक नई प्राइसिंग व्यवस्था लागू की है, जिसे 1 अप्रैल तक पूरी तरह अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग बिजली घरों के लिए अलग नियम बनाए गए हैं ताकि व्यवस्था बनी रहे।
| बिजली का प्रकार | नया नियम और प्राथमिकता |
|---|---|
| कोयला प्लांट्स (Coal) | इनके लिए रेट को एक जगह फिक्स कर दिया गया है। |
| गैस प्लांट्स (Natural Gas) | इनकी कीमत पुराने कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से तय होगी। |
| रिन्यूएबल एनर्जी (Hydro, Geothermal) | इनको सप्लाई में सबसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी। |
| तेल आधारित प्लांट्स (Oil-based) | इन्हें सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल किया जाएगा। |
सरकार का मुख्य उद्देश्य इस संकट के दौरान फ्यूल की बचत करना और बिजली की सप्लाई को सुरक्षित रखना है। एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन के चेयरमैन ने कहा है कि यह कदम अस्थाई है और बाजार की स्थिति सुधरते ही इसे फिर से शुरू किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान कीमतों को कंट्रोल करने और देश में पावर कट को रोकने पर है।




