पोप लियो XIV ने ईरान में चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिका और इसराइल के रवैये की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे ‘सर्वशक्तिमान होने का भ्रम’ बताया और दुनिया के नेताओं से शांति की अपील की। यह बयान उन्होंने सेंट पीटर्स बेसिलिका में एक शाम की प्रार्थना सभा के दौरान दिया।

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पोप लियो XIV ने क्या कहा

पोप ने कहा कि ताकत का प्रदर्शन और पैसों का लालच युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने नेताओं से आग्रह किया कि वे आपसी बातचीत के ज़रिए शांति स्थापित करें। उनके मुताबिक असली ताकत दूसरों की सेवा करने और जीवन को बचाने में है। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई धमकी को भी पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।

बातचीत और ताज़ा स्थिति

एक तरफ पोप शांति की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में आमने-सामने बातचीत शुरू हो गई है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच एक कमज़ोर युद्धविराम लागू है, जिसके बीच यह बातचीत चल रही है।

प्रार्थना सभा में कौन शामिल था

इस महत्वपूर्ण प्रार्थना सभा में कई बड़े लोग मौजूद थे। इसमें तेहरान के आर्कबिशप और बेल्जियम के कार्डिनल डोमिनिक जोसेफ मैथ्यू शामिल हुए। साथ ही, अमेरिकी दूतावास की डिप्टी चीफ ऑफ मिशन लौरा होचला ने भी अमेरिकी राजनयिकों का प्रतिनिधित्व किया।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.