Qatar Al-Udeid Air Base Update: कतर ने किया साफ़, ईरान पर हमला करने वाले अमेरिकी सैनिक अल-उदैद एयर बेस पर नहीं हैं
कतर के रक्षा अधिकारी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ़ किया है कि अल-उदैद एयर बेस पर ऐसे कोई अमेरिकी सैनिक या लॉजिस्टिक कर्मी नहीं हैं जो ईरान पर हमलों में शामिल हों। यह जानकारी अल जजीरा को दी गई है ताकि क्षेत्र में तनाव के बीच स्थिति साफ़ हो सके।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है
दोनों देशों के बीच 7 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते का युद्धविराम (ceasefire) तय हुआ था। इस मामले पर शांति वार्ता के लिए 10 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मीटिंग होनी थी। ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँचने वाला था।
कतर और ईरान के बीच हालिया तनाव और घटनाएँ
- मिसाइल हमला: मार्च 2026 में एक ईरानी मिसाइल अल-उदैद एयर बेस पर गिरी थी, जिसके बाद कतर ने ईरानी सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को देश से बाहर कर दिया था।
- सुरक्षा कार्रवाई: 8 अप्रैल 2026 को कतर ने 9 बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट कर गिरा दिया था।
- कतर का स्टैंड: कतर के विदेश मंत्रालय ने साफ़ कहा है कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान में शामिल नहीं है और वह सिर्फ अपना बचाव कर रहा है।
ईरान की रणनीति और अमेरिकी ठिकानों पर असर
युद्धविराम से पहले ईरान ने अमेरिकी हवाई शक्ति को कमजोर करने के लिए एक खास अभियान चलाया था। इसके तहत खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों, जैसे अल-उदैद एयर बेस के रडार और संचार सिस्टम को निशाना बनाया गया। ईरान का मकसद अमेरिकी हवाई सुरक्षा को कमजोर करना था ताकि उसके हमले सफल हो सकें।




