कतर के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने नेशनल अलर्ट सिस्टम की आवाज़ों के इस्तेमाल को लेकर सख़्त पाबंदी लगा दी है। सरकार ने साफ़ किया है कि इस विशेष चेतावनी वाली आवाज़ का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम 2 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है ताकि आम जनता के बीच किसी भी तरह का डर या भ्रम पैदा न हो सके।

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इन चीज़ों पर रहेगी पूरी तरह से रोक

मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कुछ ज़रूरी बातें बताई गई हैं जिन्हें हर प्रवासी और स्थानीय नागरिक को ध्यान में रखना होगा:

  • नेशनल अलर्ट सिस्टम की आवाज़ वाले किसी भी वीडियो या ऑडियो क्लिप को चलाने पर रोक है।
  • इस आवाज़ को अपने मोबाइल फोन की रिंगटोन या नोटिफिकेशन टोन के रूप में सेट करना गैरकानूनी है।
  • मजलिसों, पार्कों, मॉल और अन्य सार्वजनिक जगहों पर इन आवाज़ों को बजाना मना है।
  • अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो आम लोग 999 पर कॉल करके इसकी जानकारी दे सकते हैं।

क्यों पड़ी इस नए नियम की ज़रूरत?

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शिकायत की थी कि सार्वजनिक जगहों जैसे रेस्टोरेंट और मॉल में लोग अलर्ट टोन बजा रहे हैं, जिससे वहां मौजूद लोग घबरा जाते हैं। शेख सलमान बिन जाबोर अल थानी ने भी इस मामले को सरकार के सामने उठाया था। मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला लोगों की मानसिक शांति बनाए रखने और सुरक्षित महसूस कराने के लिए लिया गया है। इस आवाज़ का दुरुपयोग करने पर व्यक्ति को कानूनी तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा।