Qatar पर Iran ने दागी 17 मिसाइलें और 6 ड्रोन, कतर सरकार ने कहा हमले रुकने तक कोई बातचीत नहीं
कतर और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान की तरफ से कतर की सीमा में किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कतर सरकार ने कड़ी नाराजगी जताई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में कतर के राजदूत अल मुफ्ताह ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। कतर ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान ये हमले बंद नहीं करता, तब तक कोई कूटनीतिक बातचीत शुरू नहीं की जाएगी।
ईरान ने कतर पर दागी मिसाइलें और ड्रोन
हाल ही में ईरान ने कतर पर 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 6 ड्रोन से हमला किया। इन हमलों में कतर के सिविलियन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की कोशिश की गई। कतर के रक्षा बलों ने हाई एफिशिएंसी दिखाते हुए इनमें से कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने इसे एक बड़ा धोखा और ईरान की एक खतरनाक गलती बताया है। उन्होंने कहा कि एक पड़ोसी देश से ऐसे हमलों की उम्मीद बिल्कुल नहीं थी।
UN ने पास किया प्रस्ताव, कतर का कड़ा रुख
इन हमलों के बाद कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि बातचीत तभी संभव है जब ईरान तुरंत हमले रोके। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले से पूरी दुनिया की इकॉनमी पर बुरा असर पड़ सकता है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने प्रस्ताव 2817 पास करके ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा की है। कतर प्रेस सेंटर ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और दुनिया भर से समर्थन मिलने की बात कही है।
हालिया घटनाओं का टाइमलाइन
- 9 मार्च: कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के हमलों को खतरनाक गलती बताया।
- 10 मार्च: कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बिना हमले रोके ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी और हमले का पूरा डेटा जारी किया।
- 13 मार्च: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पास कर ईरान के हमलों की निंदा की।
- 16 मार्च: कतर के विदेश मंत्रालय ने फिर दोहराया कि कूटनीतिक बातचीत के लिए हमले पूरी तरह रुकना जरूरी है।




