कतर ने लेबनान में चल रहे गंभीर संकट के बीच मदद का हाथ बढ़ाया है। इजराइल के लगातार हमलों की वजह से लेबनान में मानवीय हालात बहुत खराब हो गए हैं, जिसे देखते हुए कतर ने वहां एक मेडिकल सहायता विमान भेजा है। यह विमान सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को बेरूत पहुंचेगा। कतर ने साफ किया है कि वह इस मुश्किल समय में लेबनान के साथ खड़ा है।

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कतर ने कैसे की मदद की घोषणा?

कतर के विदेश मंत्रालय के राज्य मंत्री Mohammed bin Abdulaziz Al-Khulaifi ने लेबनान के विदेश मंत्री Youssef Rajji से फोन पर बात की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने लेबनान के प्रति कतर के अटूट समर्थन को दोहराया। मंत्री Al-Khulaifi ने पुष्टि की कि मेडिकल सहायता के लिए एक विमान रवाना कर दिया गया है। लेबनान के विदेश मंत्री ने इस मानवीय पहल के लिए कतर का धन्यवाद किया और कहा कि उन्हें ऐसे मित्र देशों के सहयोग की जरूरत है।

लेबनान में हमलों का क्या असर हुआ?

इजराइल के हमलों ने लेबनान में भारी तबाही मचाई है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। 8 और 9 अप्रैल 2026 को हुए हमले सबसे ज्यादा घातक रहे, जिसके बाद प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने 9 अप्रैल को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था।

विवरण आंकड़े
8 अप्रैल से अब तक मौतें 303
8 अप्रैल से अब तक घायल 1,150
कुल मौतें (शुरुआत से अब तक) 1,888
कुल घायल (शुरुआत से अब तक) 6,092
9 अप्रैल को हुई मौतें 203
9 अप्रैल को हुए घायल 1,000 से ज्यादा
प्रभावित स्थान (UNHCR रिपोर्ट) लगभग 100

कतर और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का क्या कहना है?

कतर के अमीर Tamim bin Hamad al-Thani ने लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun को अपनी संवेदनाएं भेजीं। उन्होंने युद्ध रोकने और अमेरिका व ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल करने की पेशकश की। कतर के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1701 का उल्लंघन बताया है। वहीं UNHCR ने बताया कि Qasmiyeh Bridge जैसे जरूरी पुलों के टूटने से राहत सामग्री पहुंचाने में काफी दिक्कत आ रही है।