15 मार्च 2026 को मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती ने दोहा में क़तर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाक़ात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकना और क्षेत्र में शांति बहाल करना है। विदेश मंत्री अब्देलत्ती अपने खाड़ी दौरे के पहले पड़ाव पर दोहा पहुंचे हैं जहां उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी की तरफ से क़तर को पूरा समर्थन देने का संदेश सौंपा।

उड़ानों पर असर और प्रवासियों की परेशानी

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस तनाव की वजह से मिडिल ईस्ट में 3,000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं। क़तर और UAE ने हाल ही में कई मिसाइल और ड्रोन को आसमान में ही नष्ट किया है। हवाई यात्रा प्रभावित होने से भारत और अन्य देशों से आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। क़तर ने भी अपने क्षेत्र पर हमलों की निंदा की है और बातचीत के जरिए शांति का रास्ता निकालने पर जोर दिया है।

शांति के लिए मिस्र का नया प्रस्ताव क्या है

इस संकट से निपटने के लिए मिस्र ने अरब देशों की सुरक्षा के लिए ‘जॉइंट अरब डिफेंस एग्रीमेंट’ को लागू करने और एक ‘जॉइंट अरब फोर्स’ बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने पर जोर दिया गया है ताकि आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमले पूरी तरह रोके जा सकें। विदेश मंत्री अब्देलत्ती ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन के विदेश मंत्रियों से भी फोन पर बात की है। कूटनीतिक बातचीत के अलावा इस बैठक में मिस्र और क़तर के बीच 7.5 बिलियन डॉलर के निवेश पैकेज पर भी चर्चा हुई जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.