Qatar Iran Conflict: कतर पर ईरान ने दागी 14 मिसाइलें, गैस सप्लाई पर लगा ग्रहण, UN में की शिकायत
कतर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को पांचवीं बार आधिकारिक चिट्ठी लिखकर ईरान की तरफ से हो रहे हमलों की गंभीर शिकायत की है। 6 मार्च 2026 को कतर की तरफ से भेजी गई इस चिट्ठी में बताया गया है कि कैसे उनकी सीमाओं पर लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। कतर ने साफ शब्दों में इसे अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है और कहा है कि यह पूरे खाड़ी क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
5 मार्च को हुए हमले की पूरी जानकारी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दी गई जानकारी के मुताबिक, गुरुवार यानी 5 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से कतर पर 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 4 ड्रोन दागे गए थे। कतर की सेना ने अपनी सुरक्षा प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए मुस्तैदी दिखाई और 13 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि केवल एक मिसाइल कतर के समुद्री इलाके में गिरी, जिससे किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा, चारों ड्रोन को भी सफलतापूर्वक रोक दिया गया। कतर सरकार ने पुष्टि की है कि इस हमले में किसी भी नागरिक या सैनिक की जान नहीं गई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
QatarEnergy ने रोका काम, सप्लाई पर असर
लगातार हो रहे हमलों के खतरे को देखते हुए QatarEnergy ने 4 मार्च को अपने ग्राहकों को बता दिया है कि अभी हालात काबू से बाहर हैं, जिसे तकनीकी भाषा में ‘Force Majeure’ कहा जाता है। इसके चलते लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और तेल से जुड़े उत्पादों की सप्लाई में देरी या रुकावट आ सकती है।
सुरक्षा के लिहाज से Ras Laffan और Mesaieed जैसे बड़े इंडस्ट्रियल इलाकों में उत्पादन रोक दिया गया है। यहाँ यूरिया, एल्युमीनियम, पॉलीमर और मेथनॉल जैसी चीजों का उत्पादन होता है, जो अब फिलहाल बंद पड़ा है। इसका सीधा असर वहां काम करने वाले कर्मचारियों और इन उत्पादों पर निर्भर कंपनियों पर पड़ सकता है।
कतर ने कहा- जवाब देने का पूरा हक है
कतर ने UN को स्पष्ट किया है कि उनके पास अपनी सुरक्षा के लिए जवाब देने का पूरा कानूनी हक है। उन्होंने UN चार्टर के आर्टिकल 51 का जिक्र किया है, जो किसी भी देश को आत्मरक्षा (Self-Defense) का अधिकार देता है। कतर का कहना है कि वे पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
इस बीच, कतर ने यह भी खुलासा किया है कि उन्होंने जासूसी करने वाले दो गिरोह को पकड़ा है, जिनमें 10 लोग शामिल थे। ये लोग महत्वपूर्ण जगहों की जानकारी जुटा रहे थे। सऊदी अरब और GCC के अन्य देशों ने कतर के प्रति अपना समर्थन जताया है और हमलों की निंदा की है।





