Qatar PM-FM ने ईरान के विदेश मंत्री से की बात, समुद्री रास्तों को लेकर दी चेतावनी, कहा- बंद होंगे रास्ते तो दुनिया को होगा बड़ा नुकसान

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बात की. इस बातचीत में उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी को कम करने और बातचीत से मामला सुलझाने की अपील की. उन्होंने साफ कहा कि समुद्री रास्तों को रोकना पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकता है.

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समुद्री रास्तों और शिपिंग पर क्या कहा गया?

कतर के प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि समुद्री रास्तों को खुला रखना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि जहाजों के आने-जाने की आजादी होनी चाहिए और इसे किसी दबाव या सौदेबाजी के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर शिपिंग रूट बंद होते हैं, तो इसका सीधा असर दुनिया भर में तेल और खाने-पीने की चीजों की सप्लाई पर पड़ेगा, जिससे आम लोगों के लिए कीमतें बढ़ सकती हैं.

अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है विवाद?

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी (Naval Blockade) करने का ऐलान किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के ‘फास्ट अटैक शिप’ अमेरिकी नौसेना के करीब आए, तो उन्हें तुरंत खत्म कर दिया जाएगा. दूसरी तरफ, ईरान ने इस घेराबंदी को गैरकानूनी और समुद्री डकैती बताया है. ईरान ने यह भी कहा है कि जो देश उनके दुश्मन नहीं हैं, उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए टोल देना होगा.

शांति के लिए कौन-कौन से देश कोशिश कर रहे हैं?

इस गंभीर विवाद को सुलझाने के लिए कई देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं कोशिश कर रही हैं:

  • पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बीच-बचाव कर रहे हैं ताकि अमेरिका और ईरान दोबारा बातचीत की मेज पर आ सकें.
  • चीन: चीन ने भी मांग की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के होनी चाहिए.
  • संयुक्त राष्ट्र (UN): UN की समुद्री एजेंसी ने कहा है कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय रास्तों को रोकने का कानूनी हक नहीं है.