Qatar ने किया बड़ा ऐलान, लेबनान संकट में UN के साथ मिलकर 308 मिलियन डॉलर की मदद शुरू
कतर (Qatar) के राजदूत ने लेबनान में बिगड़ते हालात के बीच एक बड़ी राहत पहल में हिस्सा लिया है. संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ मिलकर लेबनान के लिए 308.3 मिलियन डॉलर के मानवीय मदद की अपील शुरू की गई है. युद्ध और हमलों के कारण लेबनान में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है और लाखों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. कतर की यह पहल प्रभावित लोगों तक तुरंत जरूरी मदद पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम है.
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राहत पैकेज के तहत किन चीजों पर होगा फोकस?
इस 308.3 मिलियन डॉलर के फंड का मुख्य उद्देश्य अगले तीन महीनों तक लेबनान के लोगों को जीवन रक्षक सहायता देना है. यह पहल उन 10 लाख लोगों के लिए शुरू की गई है, जो युद्ध और विस्थापन से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. राहत सामग्री को खासकर बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और बेका (Bekaa) जैसे प्रभावित इलाकों में पहुंचाया जाएगा.
- प्रभावित परिवारों को खाना और साफ पानी उपलब्ध कराना
- हेल्थकेयर और मेडिकल सुविधाओं को फिर से बहाल करना
- बच्चों की शिक्षा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- अस्थायी शिविरों में रह रहे लोगों को बुनियादी सेवाएं देना
लेबनान के ताजा हालात और कतर का योगदान
2 मार्च 2026 से लेबनान में सैन्य हमलों के बाद से स्थिति तेजी से खराब हुई है. अब तक कम से कम 687 लोगों की मौत हो चुकी है और 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं. करीब 13 लाख लोग इस संकट से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. कतर के राजदूत शेख सऊद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने 15 मार्च 2026 को बेरूत के ग्रैंड सेरेल (Grand Serail) में इस पहल के लॉन्च में शामिल होकर लेबनान के साथ अपनी एकजुटता दिखाई.
UN समर्थित इस अपील के अलावा, कतर ने अपने स्तर पर भी 40,500 परिवारों के लिए इमरजेंसी मदद शुरू की है. इसके तहत 12,000 फूड बास्केट, गद्दे, कंबल और हाइजीन किट बांटे जा रहे हैं. कतर फंड फॉर डेवलपमेंट (QFFD), कतर चैरिटी (QC) और कतर रेड क्रिसेंट सोसाइटी (QRCS) जैसी संस्थाएं भी इस राहत कार्य में अपना सहयोग दे रही हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने सहायता की अपील तेज की
UN सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस भी इस अपील को शुरू करने के लिए बेरूत पहुंचे. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुश्किल वक्त में केवल बातें नहीं, बल्कि काम करके एकजुटता दिखानी होगी. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जल्द से जल्द फंड मुहैया कराने को कहा ताकि राहत कर्मियों को काम करने में कोई बाधा न आए.
स्वास्थ्य सुविधाओं पर हो रहे हमलों के कारण हालात और भी गंभीर हो गए हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 48 घंटों में ही इमरजेंसी रेस्क्यू मिशन पर निकले कम से कम 26 पैरामेडिक्स की मौत हुई है. UN मानवीय समन्वयक टॉम फ्लेचर ने भी चेतावनी दी है कि लगातार हमलों के कारण कई अस्पताल बंद हो रहे हैं, जिससे मानवीय संकट और गहराता जा रहा है.




