Qatar Government Alert: कतर और ओमान पर हमले के बाद मचा हड़कंप, लोगों को घरों में रहने की चेतावनी और फ्लाइट्स बाधित
खाड़ी देशों में अचानक तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 12 मार्च 2026 को ओमान के सालालाह पोर्ट (Salalah Port) पर ईरान की तरफ से ड्रोन हमला किया गया। इसके बाद कतर ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। इन हमलों के कारण खाड़ी देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है जिसका सीधा असर वहां रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों पर पड़ रहा है।
कतर और ओमान पर क्या हमला हुआ है?
ओमान के सालालाह पोर्ट पर ड्रोन हमले से ईंधन के कई टैंकों को भारी नुकसान पहुंचा है। कतर के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने बयान जारी कर इसे एक खतरनाक कदम बताया है।
कतर ने यह भी बताया कि 11 मार्च को उनके देश पर भी 9 बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए थे। इन हमलों के कारण कतर की बड़ी कंपनी QatarEnergy ने रास लाफान और मेसईइद (Mesaieed) में अपना कुछ काम रोक दिया है।
कतर और ओमान दोनों देशों ने साफ कर दिया है कि जब तक उन पर सीधे हमले हो रहे हैं, वे ईरान और पश्चिमी देशों के बीच मध्यस्थता का काम नहीं कर सकते।
खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और यात्रा पर क्या असर पड़ेगा?
कतर और ओमान में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है। कतर के गृह मंत्रालय ने हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है।
दोहा में अमेरिकी दूतावास के आस-पास के इलाकों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया है। मस्कट और दोहा में लोगों को घरों के अंदर रहने और खिड़कियों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास उड़ानों और समुद्री रास्तों पर बुरा असर पड़ा है। कतर एयरवेज (Qatar Airways) और अन्य एयरलाइंस हर दिन अपनी फ्लाइट्स का नया अपडेट दे रही हैं। जो लोग भारत से खाड़ी देशों में सफर करने वाले हैं, उन्हें अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करके ही निकलना चाहिए।
GCC देशों ने मिलकर क्या बड़ा फैसला लिया?
इन हमलों के बाद गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने एक साथ मिलकर कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि सभी सदस्य देशों की सुरक्षा एक है।
अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे पूरे GCC पर हमला माना जाएगा। कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अपनी सातवीं चिट्ठी भेजकर इन हमलों की शिकायत की है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी एक प्रस्ताव पास करके इन हमलों की निंदा की है। फिलहाल सभी देश अपनी सीमाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठा रहे हैं।




