Qatar Energy CEO Warning: कतर की गैस फैक्ट्रियों पर ईरानी हमला, 5 साल तक गैस सप्लाई रुकने का खतरा
कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी QatarEnergy के CEO साद अल-काबी ने रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए हमलों के बाद गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि इन हमलों की वजह से कतर के गैस बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित होगी। कंपनी ने पहले ही अमेरिका और अन्य बड़े सहयोगियों को इस तरह के हमलों के खतरों के बारे में आगाह किया था।
📰: Strait of Hormuz में जहाजों पर हमलों से बढ़ा तनाव, फिनलैंड और 20 देशों ने ईरान की कड़ी निंदा की।
इन हमलों से कतर और दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?
ईरानी हमलों के कारण कतर की LNG निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है जिससे दुनिया के कई देशों को होने वाली सप्लाई पर संकट मंडरा रहा है। नुकसान की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- कतर की 14 LNG ट्रेनों में से 2 ट्रेनें और एक गैस-टू-लिक्विड फैसिलिटी ठप्प हो गई है।
- इससे सालाना लगभग 20 बिलियन डॉलर के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
- इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों को होने वाली गैस सप्लाई 3 से 5 साल तक प्रभावित हो सकती है।
- नॉर्थ फील्ड विस्तार परियोजना के काम में अब एक साल से अधिक की देरी हो सकती है।
कर्मचारियों की सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर का हाल
QatarEnergy ने हमले से ठीक 24 घंटे पहले अपनी साइटों से करीब 10,000 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था जिसकी वजह से किसी की जान नहीं गई। हालांकि प्लांट की महत्वपूर्ण कूलिंग यूनिट्स जो गैस को तरल बनाने के काम आती हैं वह पूरी तरह तबाह हो गई हैं।
| उत्पाद का नाम | निर्यात में कमी |
|---|---|
| कंडेनसेट (Condensate) | 24% |
| एलपीजी (LPG) | 13% |
| हीलियम (Helium) | 14% |
| नेफ्था और सल्फर | 6% |
इन सुविधाओं के निर्माण में लगभग 26 बिलियन डॉलर का खर्च आया था। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने कहा कि यह हमला इस बात का सबूत है कि निशाना केवल अमेरिकी हित नहीं बल्कि कतर की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना था। भारत और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी ऊर्जा कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है क्योंकि वैश्विक बाजार में गैस की कमी होने की संभावना है।




