पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद से एक दुखद खबर आई है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि रियाद में हाल ही में हुई घटनाओं की वजह से एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है। सरकार अब वहां फंसे अन्य लोगों की मदद करने और मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के लिए सऊदी अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठा रही है।

ℹ: Iran Britain Tension: ईरान ने ब्रिटेन को दी चेतावनी, कहा- हमारे खिलाफ अमेरिकी हमले में बेस दिया तो माना जाएगा हमला

विदेश मंत्रालय ने अब तक क्या जानकारी साझा की है?

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर महाजन ने बताया कि 18 मार्च 2026 को रियाद में हुई घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है। इस पूरे क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के दौरान अब तक कुल 6 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है और 1 व्यक्ति अभी भी लापता है। सरकार रियाद, ओमान, इराक और यूएई में मौजूद अपने दूतावासों के जरिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क में है। इसके अलावा 39 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें घर वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रवासियों की सुरक्षा के लिए सरकार के जरूरी कदम

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं और सहायता केंद्र स्थापित किए हैं। प्रमुख डेटा नीचे दिया गया है:

सहायता का प्रकार विवरण
कंट्रोल रूम प्रभावित परिवारों की मदद के लिए 24/7 सेवा शुरू की गई है
सुरक्षित रास्ता ईरान से निकलने वालों के लिए आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते मदद दी जा रही है
वापसी का आंकड़ा 28 फरवरी से अब तक करीब 3 लाख लोग खाड़ी क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं
घायलों का उपचार घायल भारतीयों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है और दूतावास उनके संपर्क में है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खाड़ी देशों के नेताओं के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे। सरकार का मुख्य उद्देश्य वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना है। जो लोग वापस आना चाहते हैं उनके लिए यात्रा की स्थिति में लगातार सुधार किया जा रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.