रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी Rosatom ने ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plant) से अपने 200 से अधिक कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने का फैसला किया है। Rosatom के प्रमुख Alexey Likhachev ने बताया कि इलाके में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान अधिकांश रूसी विशेषज्ञों को वहां से हटा लिया जाएगा। हालांकि, लगभग 50 कर्मचारी जो वहां रहने के इच्छुक हैं, वह फिलहाल प्लांट की निगरानी के लिए वहीं बने रहेंगे।
सुरक्षा कारणों से कर्मचारियों की निकासी का विवरण
- Rosatom के अनुसार बुशहर प्लांट के आसपास सुरक्षा के हालात लगातार खराब हो रहे हैं।
- ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने हाल के दिनों में प्लांट के पास हवाई हमलों की जानकारी दी है।
- मंगलवार रात को प्लांट की पावर यूनिट नंबर 1 के पास हमले की खबर आई थी, जिससे चिंता बढ़ गई है।
- Rosatom ने फैसला किया है कि स्थिति सामान्य होने तक वहां कर्मचारियों की संख्या न्यूनतम रखी जाएगी।
- रूस और ईरान की सरकारें इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि बाकी बचे स्टाफ को सुरक्षित रखा जा सके।
अब तक कितने लोग निकाले गए और क्या है योजना?
बुशहर प्लांट से कर्मचारियों को निकालने का काम पिछले कुछ दिनों से चरणों में किया जा रहा है। इसमें रूस के अलावा अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं जो वहां तकनीकी सहायता दे रहे थे। निकासी के आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका में विस्तार से समझा जा सकता है:
| निकासी की तारीख | कर्मचारियों की संख्या | कर्मचारियों की राष्ट्रीयता |
|---|---|---|
| 25 मार्च 2026 | 163 कर्मचारी | रूस और सहयोगी देश |
| 27 मार्च 2026 | 164 कर्मचारी | रूस, बेलारूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान |
| 1 अप्रैल 2026 (योजना) | 200+ कर्मचारी | रूस के मुख्य परमाणु विशेषज्ञ |
Rosatom के प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि 27 मार्च को निकाले गए कर्मचारियों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को भी ईरान द्वारा इन घटनाओं की जानकारी दे दी गई है। एजेंसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है क्योंकि परमाणु संयंत्र के पास सैन्य गतिविधियां खतरनाक साबित हो सकती हैं।
