रूस ने मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक रास्तों को अपनाने की बात कही है। 30 मार्च 2026 को रूसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि युद्ध को तुरंत रोककर शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत शुरू करनी चाहिए। रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ बैठक की और उन्हें किसी और की लड़ाई में शामिल न होने की सलाह दी। रूस ने अरब देशों की संप्रभुता और उनकी सुरक्षा का पूरा समर्थन करने का वादा किया है।

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रूसी अधिकारियों ने शांति के लिए कौन से बड़े कदम उठाए?

रूस इस समय मध्य पूर्व के संकट को सुलझाने के लिए कई देशों के साथ लगातार संपर्क में है। रूसी राजदूत Vladimir Safronkov के अनुसार सैन्य समाधान से मुश्किलें और बढ़ जाती हैं और केवल राजनीतिक चर्चा ही रास्ता निकाल सकती है। रूस ने शांति के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ज़ोर दिया है:

  • नागरिकों और ऊर्जा केंद्रों जैसे बिजली घरों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए।
  • रूस सभी प्रभावित पक्षों के साथ लगभग रोज़ाना बातचीत कर रहा है ताकि मामला सुलझ सके।
  • Iran के साथ भी बातचीत जारी है ताकि हालात को और ज़्यादा बिगड़ने से रोका जा सके।
  • रूस ने चीन और तुर्की के साथ मिलकर मध्यस्थता करने की इच्छा जताई है।
  • Sergey Lavrov ने साफ कहा कि किसी भी मित्र देश की सीमा का उल्लंघन रूस को स्वीकार नहीं है।

कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में क्या हैं ताज़ा हालात?

30 मार्च 2026 को क्षेत्र में हिंसा की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं जिसका असर वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों पर पड़ सकता है। कुवैत ने जानकारी दी है कि उनके एक बिजली और पानी के प्लांट पर हमला हुआ है जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और 10 सैनिक घायल हुए हैं। इसके अलावा दुबई पोर्ट के पास एक टैंकर पर हमले के बाद समुद्र में तेल फैलने का खतरा भी पैदा हो गया है। Arab League ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इन्हें युद्ध अपराध बताया है। फिलहाल Israel, Iran, Saudi Arabia और UAE के बीच तनाव बना हुआ है जिससे समुद्र के रास्ते होने वाले व्यापार और समुद्री जहाजों की आवाजाही पर भी बुरा असर पड़ रहा है।